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शाह ने दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ की बैठक, परिसीमन का मुद्दा भी उठा, सीएम विजय और सतीशन के साथ अहम चर्चा

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरलम, तमिलनाडु और तेलंगाना के अलावा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप शामिल हैं। बैठक में केरलम के मुख्यमंत्री सतीशन सहित अन्य नेता शामिल हुए।

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शाह ने दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ की बैठक

Photo : PTI

Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को चेन्नई के निकट कोवलम में दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में चर्चा का नेतृत्व किया। बैठक में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने परिसीमन का मुद्दा उठाया, जबकि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन के बीच महत्वपूर्ण बातचीत हुई। कावेरी नदी जल बंटवारे के मुद्दे और मेकेदातु बांध विवाद की पृष्ठभूमि में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक में कर्नाटक के अपने समकक्ष शिवकुमार के साथ बातचीत की। दोनों मुख्यमंत्री बैठक में एक-दूसरे के बगल में बैठे थे।

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद में ये राज्य

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरलम, तमिलनाडु और तेलंगाना के अलावा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप शामिल हैं। बैठक में केरलम के मुख्यमंत्री सतीशन सहित अन्य नेता शामिल हुए। बैठक में अपने संबोधन में शिवकुमार ने दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद से एक प्रस्ताव पारित करने की मांग की, जिसमें केंद्र सरकार से 1971 की जनगणना को परिसीमन का आधार बनाए रखने, अगले 25 वर्षों तक लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या बरकरार रखने और इन्हीं सीटों के भीतर महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने का आग्रह किया जाए।

उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण में दक्षिणी राज्यों की सफलता उनकी राजनीतिक आवाज कम करने का कारण नहीं बननी चाहिए। शिवकुमार ने कहा, हम इस आश्वासन का स्वागत करते हैं कि किसी भी दक्षिणी राज्य की सीट कम नहीं होगी। लेकिन प्रतिनिधित्व केवल संख्या का विषय नहीं है। यह प्रभाव और आवाज से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्यों ने देश के आह्वान पर जनसंख्या स्थिरीकरण के लक्ष्य को अनुशासन और सफलता के साथ पूरा किया है और परिसीमन प्रक्रिया में इस उपलब्धि के लिए उन्हें दंडित नहीं किया जाना चाहिए।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने परिसीमन मुद्दा उठाया

कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि 1971 की जनसंख्या को आधार माना जाना चाहिए और लोकसभा की कुल सीटों की संख्या में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, मुझे विश्वास है कि यहां मौजूद सभी मुख्यमंत्री मेरी बात का समर्थन करेंगे। 1971 के आधार का सम्मान किया जाए और हमारी आवाज की ताकत सुरक्षित रखी जाए। शिवकुमार ने परिसीमन को महिला आरक्षण से भी जोड़ते हुए कहा कि नए परिसीमन के कारण महिला आरक्षण लागू करने में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने परिषद से अगले 25 वर्षों के लिए लोकसभा सीटों की संख्या मौजूदा 543 पर स्थिर रखने और इन्हीं सीटों में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए प्रस्ताव पारित करने का आग्रह किया।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने मेकेदातु परियोजना का मुद्दा भी उठाया और कहा कि यह केवल उनके राज्य के लिए ही नहीं, बल्कि तमिलनाडु के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, बैठक के लिए आते समय आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मुझसे कहा कि कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी जल विवाद का समाधान जरूरी है। मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि मेकेदातु परियोजना से पानी की हर बूंद तमिलनाडु और पुडुचेरी के किसानों की मदद करेगी। हमारी मदद करें ताकि हम आपकी मदद कर सकें।

कावेरी नदी का मुद्दा उठा

तमिलनाडु सरकार कावेरी नदी पर प्रस्तावित संतुलन जलाशय परियोजना का विरोध करती रही है। उसका कहना है कि इसे लागू करने से राज्य के हित प्रभावित होंगे। इस बीच, शिवकुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह बैठक दक्षिणी क्षेत्र के मुख्यमंत्रियों, उपमुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श का अवसर थी।वहीं, केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने भी तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से मुलाकात की।

सतीशन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, चेन्नई के महाबलीपुरम (मामल्लापुरम) में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक से इतर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के साथ महत्वपूर्ण बातचीत हुई। केरल के उद्योग एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री पी. के. कुन्हालीकुट्टी भी मौजूद थे।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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