EAM S Jaishankar To Brief Parliament: सोमवार को संसद में बजट सत्र के दूसरे भाग की शुरुआत के अवसर पर विदेश मंत्री एस जयशंकर पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर बयान देंगे और खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करेंगे। इस सत्र के हंगामेदार होने की आशंका है क्योंकि इसमें कई अहम मुद्दे उठेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, पश्चिम एशिया में संघर्ष और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्ष के बीच नए सिरे से टकराव के बीच शुरू होने के आसार हैं। इस सत्र से चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों का रुख तय होने की उम्मीद है।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देंगे जयशंकर
सदन के संशोधित कार्यसूची से पता चलता है कि जयशंकर पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देंगे। उनका यह बयान अहम माना जा रहा है क्योंकि विपक्ष अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, विशेष रूप से ईरान नियंत्रित होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति में वैश्विक संकट के बीच अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारत को 30 दिनों के लिए रूसी तेल खरीदने की छूट देने के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर सकता है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग एक चौथाई हिस्सा है।
विपक्ष ने बजट सत्र से पहले अपना रुख स्पष्ट कर दिया है, जिसमें वह अमेरिकी प्रशासन के साथ कथित समझौते को लेकर सरकार को निशाना बनाने वाला है। वहीं, एनडीए स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव और पश्चिम बंगाल की अपनी हालिया यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रति कथित प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर विपक्ष पर हमला कर सकता है।
पीएम मोदी ने घटना को शर्मनाक और अभूतपूर्व करार दिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना को शर्मनाक और अभूतपूर्व करार दिया है। पीएम मोदी ने कहा, लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति निराश है। स्वयं आदिवासी समुदाय से आने वाली राष्ट्रपति जी द्वारा व्यक्त की गई पीड़ा और दुख ने भारत की जनता के मन में गहरा दुख पहुंचाया है। पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं। राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार है। बता दें कि पश्चिम बंगाल उन राज्यों में शामिल है जहां इस साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होने हैं।
दूसरी ओर, विपक्ष विदेश नीति और भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर सकता है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पिछले सप्ताह एक पोस्ट में कहा था कि भारत की विदेश नीति हमारे लोगों की सामूहिक इच्छा से उत्पन्न होती है। यह हमारे इतिहास, हमारे भूगोल और सत्य एवं अहिंसा पर आधारित हमारी आध्यात्मिक विचारधारा पर आधारित होनी चाहिए। आज हम जो देख रहे हैं वह नीति नहीं है। यह एक भ्रष्ट व्यक्ति के शोषण का परिणाम है।
