Nuclear submarine: हिंद-प्रशांत महासागर में चीन के दबदबे एवं प्रभाव को जवाब देने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया एक साथ आए हैं। इन तीनों देशों ने एक संयुक्त परमाणु पनडुब्बी बेड़ा बनाने की अपनी योजना की घोषणा की है। ऑकस समझौते के तहत अमेरिका आने वाले दिनों में ऑस्ट्रेलिया को परमाणु ईंधन से चलने वाली पहली पनडुब्बी देगा। आगे चलकर परमाणु पनडुब्बियों की यह संख्या तीन तक जाएगी। यही नहीं तीनों देश मिलकर नई तकनीक से लैस उन्नत पनडुब्बियों का निर्माण भी करेंगे। ऑकस के इन देशों की इस पहल चीन को नागवाज गुजरी है, उसने इसकी कड़े शब्दों में आलोचना की है।
परमाणु हथियारों से लैस नहीं होंगी ये पनडुब्बियां
इस समझौते के बारे में अमेरिकी राष्ट्रबति जो बाइडेन का कहना है कि इस करार का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति स्थापित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये पनडुब्बियां परमाणु ईंधन से चलेंगी न कि ये परमाणु हथियारों से लैस होंगी। इस करार के तहत ऑस्ट्रेलिया के नौसैनिक इस साल परमाणु पनडुब्बी चलाने का प्रशिक्षण हासिल करने के लिए अमेरिका और ब्रिटेन जाएंगे।
परमाणु चालित पनडुब्बी का होना गर्व की बात
परमाणु पनडुब्बियों का होना किसी भी देश के लिए गर्व की बात होती है। दुनिया के चुनिंदा देशों के पास ही परमाणु पनडुब्बियां हैं। अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन और भारत इन छह देशों के पास ही परमाणु ऊर्चा से चलने वाली पनडुब्बियां हैं।
समुद्र में लंबे समय तक रहती है परमाणु पनडुब्बी
परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों को ईंधन लेने के लिए बार-बार सतह पर आने की जरूरत नहीं पड़तीं। परमाणु ईंधन से संचालित पनडुब्बियां समुद्र की गहराइयों में लंबे समय तक रह सकती हैं। परमाणु ईंधन से युक्त पनडुब्बी के बारे में कहा जाता है कि वह 30 सालों तक काम करते रह सकती है।
अमेरिका के पास सबसे ज्यादा परमाणु पनडुब्बी
परमाणु पनडुब्बी को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ती और डीजल पनडुब्बियों के मुकाबले काफी तेज गत से काम करती है। परमाणु पनडुब्बियों का इस्तेमाल ज्यादातर खुफिया अभियानों के लिए किया जाता है। हालांकि, इसका रखरखाव काफी खर्चीला एवं लागत काफी ज्यादा होती है। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज के मुताबिक सबसे ज्यादा 68 परमाणु पनडुब्बियां अमेरिका के पास हैं। अमेरिका के बाद रूस के पास 29, चीन के पास 12, ब्रिटेन के पास 11, फ्रांस के पास 8 और भारत के पास एक परमाणु पनडुब्बी है। इस भारतीय पनडुब्बी का नाम INS अरिहंत है।
