बिहार की राजनीति को लेकर जो तस्वीर सामने आ रही है, उससे ये स्पष्ट होते जा रहा है कि नीतीश कुमार और बीजेपी के बीच जो खिचड़ी पक रही थी, वो अब बनकर तैयार है। सूत्रों की मानें तो बीजेपी और जेडीयू के बीच गठबंधन फाइनल हो गया है। सरकार का स्वरूप वैसे ही रहेगा, जैसे पहले था, यानि कि सीएम की कुर्सी नीतीश कुमार के पास।
क्या हो सरकार का फॉर्मूला
बिहार में बीजेपी-जेडीयू गठबंधन पर सहमति जिन फॉर्मूलों पर बनी है, वो है तो पुरानी, लेकिन चेहरे बदल सकते हैं। हालांकि नीतीश कुमार सीएम बने रहेंगे, यह लगभग तय है। मोटे तौर पर बीजेपी जेडीयू सरकार के समय जो मंत्रालय बंटवारे का फार्मूला था, वही बने रहने की संभावना है।
साथ में लड़ेंगे चुनाव
बीजेपी और जदयू आने वाला लोकसभा चुनाव और उसके बाद बिहार विधानसभा चुनाव, दोनों साथ में लड़ेंगे। सीटों का बंटवारा भी पुराने तर्ज पर ही होने की संभावना है।
गठबंधन पर एक दो दिन में तस्वीर साफ
सूत्रों की मानें तो बीजेपी और जदयू के बीच गठबंधन को लेकर आधिकारिक जानकारी एक दो दिन में आ सकती है। गुरुवार रात अमित शाह और जेपी नड्डा के साथ बैठक में बिहार बीजेपी के कई नेताओं से उनकी राय ली गई थी। नेताओं से पूछा गया कि नीतीश कुमार और जेडीयू को साथ रखने से कितना फायदा या नुकसान होगा। इसके अलावा बिहार में लोकसभा और विधानसभा चुनाव साथ- साथ कराने की संभावना और उससे होने वाले नफा-नुकसान का आंकलन किया गया।
