देश

Shri Krishna Janmabhumi Dispute:काशी में 'बाबा' मिले, मथुरा में कान्हा मिलेंगे? जानें फैसले की खास बातें, संत समाज हुआ खुश-Video

  • Authored by: रवि वैश्य
  • Updated Dec 14, 2023, 04:49 PM IST

Shri Krishna Janmabhumi Dispute Update : वाराणसी की ज्ञानवापी की तरह मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि का सर्वे होगा, जानिए इस मामले का खास बातें और संत समाज की प्रतिक्रियायें

Image

ज्ञानवापी की तरह मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि का सर्वे होगा

Shri Krishna Janmabhumi Dispute Update: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मथुरा स्थित कृष्ण जन्मभूमि मंदिर (Shri Krishna Janmabhumi) के निकट शाही ईदगाह मस्जिद के सर्वेक्षण (Survey of Shahi Idgah Mosque) के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने की अनुमति दी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर से सटी शाही ईदगाह मस्जिद का सर्वेक्षण करने के लिए अधिवक्ता आयुक्त की नियुक्ति की मांग वाली याचिका पर पहले सुनवाई करेगा और इसके बाद वाद की पोषणीयता के मुद्दे पर निर्णय करेगा।

अदालत अधिवक्ता आयुक्त की नियुक्ति के आवेदन पर 18 दिसंबर 2023 को सुनवाई करेगा, यह याचिका मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद के संबंध में इस उच्च न्यायालय में लंबित मुकदमे में दायर की गई थी, न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन ने इससे पूर्व 16 नवंबर को संबंधित पक्षों को सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था।

दावा किया गया है कि भगवान कृष्ण की जन्मस्थली उस मस्जिद के नीचे मौजूद है

यह याचिका भगवान श्री कृष्ण विराजमान और सात अन्य लोगों द्वारा अधिवक्ता हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन, प्रभाष पांडेय और देवकी नंदन के जरिए दायर की गई थी जिसमें दावा किया गया है कि भगवान कृष्ण की जन्मस्थली उस मस्जिद के नीचे मौजूद है और ऐसे कई संकेत हैं जो यह साबित करते हैं कि वह मस्जिद एक हिंदू मंदिर है।

वहीं मथुरा मामले पर अयोध्या के राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा- 'कृष्ण ने बहुत कुछ दिया है, आगे भी देते रहेंगे, 2024 में भाजपा को विजय मिलेगी'

याचिका में कहा गया था कि एक कमल के आकार का स्तंभ मौजूद हैं

याचिका में आगे कहा गया था कि एक कमल के आकार का स्तंभ मौजूद हैं, जो हिंदू मंदिरों की एक उत्कृष्ट विशेषता है और शेषनाग की एक छवि भी है, जो हिंदू देवताओं में से एक हैं, जिन्होंने भगवान कृष्ण की उनके जन्म की रात में रक्षा की थी। आवेदन में यह भी कहा गया है कि मस्जिद के स्तंभ के आधार पर हिंदू धार्मिक प्रतीक और नक्काशी भी दिखाई देती है।

रवि वैश्य
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article