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संसद से जंतर-मंतर तक डिंपल यादव का मार्च, सड़कों पर सपा सांसद, अखिलेश ने भी साधा सरकार पर निशाना, राहुल गांधी से की मुलाकात

Akhilesh Yadav on NEET Exam Paper Leak: पेपर लीक और सोनम वांगचुक के समर्थन में समाजवादी पार्टी का बड़ा एक्शन। डिंपल यादव के नेतृत्व में सांसदों का जंतर-मंतर मार्च। अखिलेश यादव ने राहुल गांधी से की मुलाकात।

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संसद से जंतर-मंतर तक डिंपल यादव का मार्च, सड़कों पर सपा सांसद, अखिलेश ने भी साधा सरकार पर निशाना, राहुल गांधी से की मुलाकात

Dimple Yadav Jantar Mantar March: संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन देश की राजधानी दिल्ली में विपक्ष ने सरकार के खिलाफ चौतरफा मोर्चा खोल दिया है। नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले, छात्रों के मानसिक तनाव और अनशन पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की जबरन गिरफ्तारी के खिलाफ समाजवादी पार्टी (सपा) ने संसद से लेकर सड़क तक बड़ा संग्राम छेड़ दिया है।

एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता और सांसद डिंपल यादवके नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से जंतर-मंतर की ओर पैदल मार्च शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने संसद परिसर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कार्यालय पहुंचकर उनसे बेहद महत्वपूर्ण मुलाकात की है।

श्रद्धांजलि देने में भी भेदभाव करती है घमंडी सरकार- अखिलेश

संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने केंद्र की मोदी सरकार पर संवेदनहीनता और अहंकार का बेहद गंभीर आरोप लगाया। पेपर लीक के कारण अवसाद में आकर जान गंवाने वाले छात्रों का मुद्दा उठाते हुए अखिलेश यादव ने कहा, 'जो सरकार शोक प्रकट करने और श्रद्धांजलि देने में भी भेदभाव करती हो, उससे बड़ा अहंकार का प्रदर्शन और क्या हो सकता है? देश के मासूम बच्चों ने पेपर लीक और मानसिक तनाव के कारण अपनी जान गंवाई है, लेकिन इस बेरहम सरकार के मुंह से उनके लिए एक शब्द भी नहीं निकला और न ही संसद में उनके लिए कोई श्रद्धांजलि दी गई।'

डिंपल यादव का जंतर-मंतर मार्च

संसद भवन से बाहर निकलकर विपक्षी सांसदों के जंतर-मंतर मार्च की अगुवाई कर रही सांसद डिंपल यादव ने सरकार के अड़ियल रवैये को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश की स्थिति ऐसी हो गई है कि देश का युवा अपनी जायज चिंताओं को सरकार के सामने रखना चाहता है, लेकिन यह सरकार न तो किसी की बात सुनना चाहती है और न ही संवाद करने को तैयार है।

डिंपल यादव ने शिक्षा व्यवस्था और छात्र आंदोलन पर सरकार को घेरते हुए कहा, 'देश में अब कोई भी परीक्षा निष्पक्ष और साफ-सुथरी नहीं रह गई है। पूरी की पूरी परीक्षा प्रणाली भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है जिसका खामियाजा देश के होनहार युवाओं को भुगतना पड़ रहा है और वे भयंकर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं।'

उन्होंने आगे कहा, 'छात्रों के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी लगातार सरकार से बातचीत की अपील कर रहे हैं, लेकिन सरकार इतनी कठोर और संवेदनहीन हो चुकी है कि वह किसी के भी विचारों पर ध्यान देने को तैयार नहीं है। हम देश के छात्रों और आंदोलनकारियों के साथ पूरी ताकत से खड़े हैं और इसीलिए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे हैं।'

राहुल गांधी के दफ्तर पहुंचे अखिलेश

इस पूरे हंगामे और मार्च के बीच संसद के भीतर एक बड़ी राजनीतिक हलचल देखने को मिली जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष खुद कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संसद स्थित कार्यालय पहुंचे। दोनों बड़े नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच संसद के भीतर सरकार को संयुक्त रूप से घेरने, पेपर लीक मामले पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के लिए दबाव बनाने और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र-नागरिक आंदोलनों को 'INDIA' गठबंधन का सीधा समर्थन देने की रणनीति पर लंबी चर्चा हुई है। विपक्ष के इस आक्रामक रुख से साफ है कि मानसून सत्र का यह पहला हफ्ता सरकार के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाला है। साथ ही में यूपी में गठबंधन को लेकर भी दोनों पार्टियों के बीच चर्चा की बात सामने आ रही है, जिस कारण भी यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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