देश

AISA का आह्वान, आज पूरे भारत में प्रोटेस्ट की तैयारी...JNU से गिरफ्तार छात्रों के विरोध में प्रदर्शन

AISA calls for protests across India: अखिल भारतीय छात्र संघ पूरे भारत में प्रोटेस्ट डे मनाएगा। JNU में हुए प्रोटेस्ट में गिरफ्तार लेफ्ट के 14 छात्रों के विरोध में AISA विरोध प्रदर्शन करने जा रहा है।

Image

(प्रतीकात्मक फोटो- पुरानी)

JNU Students Arrest Case: AISA (अखिल भारतीय छात्र संघ, All India Students' Association) ने आज पूरे भारत में प्रोटेस्ट का आह्वान किया है। इसको लेकर तैयारी की गई है। JNU में हुए प्रोटेस्ट में गिरफ्तार लेफ्ट के 14 छात्रों के विरोध में AISA विरोध प्रदर्शन करने जा रहा है। इस मामले पर देश भर के तमाम छात्र संगठनों से बातचीत की जा रही है। बताया गया कि पूरे भारत में AISA के तरफ से प्रोटेस्ट डे मनाया जाएगा।

JNU के सभी प्रदर्शनकारी छात्रों को मिली जमानत

बीते दिन पटियाला हाउस कोर्ट ने JNU के सभी प्रदर्शनकारी छात्रों को जमानत दे दी। पटियाला हाउस कोर्ट में जेएनयू (JNU) प्रदर्शन मामले में आरोपियों की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि सभी आरोपी अदालत में मौजूद हैं और वे जांच में सहयोग करने को तैयार हैं। उन्होंने अदालत को आश्वासन देने की पेशकश की कि आरोपी जांच में पूरा सहयोग करेंगे। एक अन्य वकील ने शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार से जुड़े एक न्यायिक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है।

दिल्ली पुलिस ने किया खूब विरोध

दिल्ली पुलिस ने अदालत में कहा कि यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन नहीं था और प्रदर्शनकारियों ने हिंसा का सहारा लिया। दिल्ली पुलिस के अनुसार छात्रों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का मुक्की की, जिसमें पुलिस अधिकारियों को भी चोटें आईं।

अदालत को पुलिस ने बताया कि करीब 300 लोगों का जुलूस बिना अनुमति इंडिया गेट की ओर निकाला जा रहा था और इस दौरान बैरिकेड लगाए गए थे। पुलिस का आरोप है कि आरोपियों ने पुलिस अधिकारियों पर हमला किया।

किन्हें गिरफ्तार किया गया था और क्यों?

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार लोगों में जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) की अध्यक्ष अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष गोपिका बाबू, पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार और संयुक्त सचिव दानिश अली सहित अन्य शामिल थे। पुलिस ने बताया था कि वसंत कुंज उत्तर थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 132/3(5) (हमला या आपराधिक बल), 221 (लोक सेवक को कर्तव्य से रोकना) और 121(1) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जेएनयूएसयू के सदस्य परिसर के साबरमती टी-पॉइंट पर एकत्र होकर शिक्षा मंत्रालय की ओर मार्च करने का प्रयास कर रहे थे जिसके बाद ये गिरफ्तारियां की गईं।

प्रदर्शन क्यों?

यह प्रदर्शन जेएनयू की कुलपति शांतिश्री धूलिपुड़ी पंडित द्वारा एक पॉडकास्ट में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के क्रियान्वयन, जेएनयूएसयू पदाधिकारियों के निष्कासन और प्रस्तावित रोहित अधिनियम को लेकर की गई हालिया टिप्पणियों के विरोध में जारी आंदोलन का हिस्सा था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को विश्वविद्यालय गेट पर रोक दिया, जिससे झड़प हो गई।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें