देश

विधायक उमेश शर्मा किस पर भड़के? अमरोहा में इनके ही फार्म पर लाई गई हरियाणा की महिला, CRPF जवानों ने लूटी अस्मत

Khanpur MLA Umesh Kumar Sharma Statement: अमरोहा के फार्महाउस में हुए गैंगरेप केस में खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश शर्मा ने सोशल मीडिया पर सफाई दी। उन्होंने पुलिस और गृह मंत्रालय के नाम पर फार्महाउस में प्रवेश का दावा किया।

Image

विधायक उमेश शर्मा किसपर भड़के? अमरोहा में इनके ही फार्म पर लाई गई हरियाणा की महिला, CRPF जवानों ने लूटी अस्मत

Umesh Sharma Amroha Farmhouse Case: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले स्थित एक फार्महाउस में हरियाणा की महिला से हुई सामूहिक दुष्कर्म की सनसनीखेज घटना के बाद विवादों में आए उत्तराखंड की खानपुर सीट से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार शर्मा ने अपना पक्ष रखा है। घटना में नाम सामने आने के बाद विधायक ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जारी कर स्थिति स्पष्ट की और इस पूरे घटनाक्रम के लिए स्थानीय पुलिस और आरोपियों की साजिश को जिम्मेदार ठहराया।

सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि 'जब पुलिस-प्रशासन ही भक्षक बन जाए तो कोई क्या कर सकता है।'

'पुलिस और CRPF के नाम पर घुसे दरिंदे': विधायक की सफाई

विधायक उमेश कुमार शर्मा ने अपने फार्महाउस पर घटी इस वारदात के संदर्भ में अपनी स्थिति साफ करते हुए लिखा:

गेट खोलने की वजह: सोशल मीडिया पर चल रही खबरों पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अगर स्थानीय थाना इंचार्ज खुद सीआरपीएफ (CRPF) के अधिकारियों व कर्मियों के साथ 'गृह मंत्रालय की जांच' का बहाना बनाकर फार्महाउस पहुंचेगा, तो चौकीदार स्वाभाविक रूप से गेट खोल देगा।

घटना के वक्त मौजूदगी का सबूत: उमेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि जिस समय अमरोहा में यह खौफनाक वारदात घटित हुई, उस समय वह अपने विधानसभा क्षेत्र खानपुर के लंढोरा में शाम 6:30 बजे से रात 11:00 बजे तक एक विशाल रोड शो और सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल थे, जिसके साक्ष्य और वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं।

विरोधियों को जवाब: उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक विरोधी इस घटना को लेकर ज्यादा खुश न हों। डरता वह व्यक्ति है जिसने कुछ गलत किया हो या किसी गलत काम में किसी का साथ दिया हो।

अमरोहा SP के बयान का दिया हवाला

अपनी पोस्ट के साथ खानपुर विधायक ने अमरोहा के पुलिस अधीक्षक (SP) का एक आधिकारिक वीडियो बयान भी साझा किया।

उन्होंने कहा कि मामले में स्थानीय पुलिस स्टेशन के इंचार्ज की सीधी संलिप्तता और सीआरपीएफ कर्मियों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि यह घटना पुलिस की आड़ में अंजाम दी गई। पीड़िता की तहरीर का हवाला देते हुए उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

और पढ़ें
End of Article