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फेस्टिव सीजन में Online Shopping करने वाले रहें सावधान, 1.19 लाख नकली वेबसाइट्स का हुआ खुलासा

फेस्टिव सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग करते समय बेहद सावधान रहने की जरूरत है। एक रिपोर्ट के मुताबिक एक लाख से ज्यादा फेक वेबसाइट का खुलासा हुआ है। ऐसे में खरीदारी करते समय आपको कई सारी बातों को चेक करने की जरूरत है।

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फेस्टिव सीजन में हुई एक गलती आपका बड़ा नुकसान करा सकती है।

डिजिटल वर्ल्ड में अक्सर फ्रॉड और स्कैम के मामले सामने आते रहते हैं। फेस्टिव सीजन के समय लोग जमकर खरीदार करते हैं और इसी का फायदा स्कैमर भी उठाते हैं। लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए साइबर क्रिमिनल्स तरह तरह के तरीके अपनाते हैं। ऐसे में अगर आप इस फेस्टिव सीजन किसी भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खरीदारी करने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको थोड़ा सावधानी बरतने की जरूरत है।

अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग करते समय Google पर सामान खोजते हैं और वहां से किसी अनजान वेबसाइट पर पहुंचकर खरीदारी कर लेते हैं, तो आपको थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी एक नई रिपोर्ट में 1.19 लाख से ज्यादा फर्जी ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स के एक बड़े नेटवर्क का पता चला है।

इन वेबसाइट्स को इस तरह तैयार किया गया है कि पहली नजर में ये किसी जानी-मानी कंपनी या ब्रांड की असली वेबसाइट जैसी लगती हैं। इनमें प्रोडक्ट की तस्वीरें, कीमत, डिस्क्रिप्शन और दूसरी जानकारियां भी असली वेबसाइट जैसी दिखाई जा सकती हैं।

क्या है 1.19 लाख Fake Websites का मामला?

Moneycontrol की एक रिपोर्ट के अनुसार, German Cybersecurity Startup Nebty ने इस बड़े नेटवर्क की पहचान की है। कंपनी ने इसे DoppelCart नाम दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस नेटवर्क में 1,19,000 से ज्यादा डोमेन शामिल हैं। इन फर्जी ऑनलाइन स्टोर्स के जरिए करीब 44,182 अलग-अलग ब्रांड्स की नकल किए जाने की बात सामने आई है। इनमें से कुछ वेबसाइट्स पर ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए 65% तक का डिस्काउंट भी दिखाया गया था।

सिर्फ छोटे ब्रांड नहीं, बड़े नाम भी निशाने पर

इस नेटवर्क की एक बड़ी चिंता यह है कि साइबर अपराधी सिर्फ छोटे या कम मशहूर ऑनलाइन स्टोर्स की कॉपी नहीं कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, CurrentBody, SodaStream, Velasca, Daniel Wellington, Dreame, Horze, MOVA और SPARK PAWS जैसे ब्रांड्स के नाम का इस्तेमाल करके भी फर्जी वेबसाइट्स बनाई गई हैं।

Nebty के CEO Benedikt Scheungraber के मुताबिक, कई ब्रांड्स के नाम पर औसतन दो तक क्लोन वेबसाइट्स मिलीं। वहीं कुछ ब्रांड्स को 30 से ज्यादा फर्जी ऑनलाइन शॉप्स के जरिए निशाना बनाया गया।

बड़ा डिस्काउंट देखकर न हो जाएं खुश

फर्जी शॉपिंग वेबसाइट्स ग्राहकों को फंसाने के लिए भारी डिस्काउंट का लालच दे सकती हैं। रिपोर्ट में कुछ साइट्स पर 65% तक की छूट दिखाई गई थी। यही वजह है कि अगर किसी वेबसाइट पर किसी महंगे प्रोडक्ट की कीमत बाकी जगहों के मुकाबले बहुत कम दिखाई दे रही है, तो तुरंत खरीदारी करने से बचें। पहले यह जांच लें कि वेबसाइट असली है या नहीं। सिर्फ बड़ा डिस्काउंट देखकर पेमेंट कर देना नुकसानदायक हो सकता है।

Fake Shopping Website की पहचान कैसे करें?

Website का URL ध्यान से देखें

सबसे पहले वेबसाइट के एड्रेस को अच्छी तरह चेक करें। कई फर्जी साइट्स में असली ब्रांड के नाम की स्पेलिंग में मामूली बदलाव किया जाता है या ब्रांड के नाम के साथ कोई अतिरिक्त शब्द जोड़ दिया जाता है। अगर URL अजीब लग रहा है या डोमेन किसी अनजान नाम से है, तो वहां खरीदारी करने से पहले दोबारा जांच करें।

Official Website या App से खरीदारी करें

अगर आपको किसी खास ब्रांड का सामान खरीदना है, तो बेहतर है कि उस ब्रांड की ऑफिशियल वेबसाइट या आधिकारिक ऐप से ही खरीदारी करें। Google Search या सोशल मीडिया पर दिखने वाले किसी अनजान Sponsored Ad पर सीधे क्लिक करके पेमेंट करने से पहले भी वेबसाइट का एड्रेस जरूर जांच लें।

बहुत ज्यादा Discount से रहें सावधान

अगर कोई प्रोडक्ट बाकी सभी वेबसाइट्स पर काफी महंगा है, लेकिन किसी अनजान साइट पर बेहद कम कीमत में मिल रहा है, तो सावधान हो जाएं। बहुत बड़ा डिस्काउंट हमेशा फर्जी वेबसाइट का सबूत नहीं होता, लेकिन ऐसी स्थिति में वेबसाइट की जांच जरूर करनी चाहिए।

Website का नाम Google पर चेक करें

किसी अनजान वेबसाइट से खरीदारी करने से पहले उसके नाम के साथ Scam, Fraud या Reviews जैसे शब्द जोड़कर इंटरनेट पर सर्च कर सकते हैं। अगर दूसरे ग्राहकों ने उस वेबसाइट को लेकर शिकायत की है, तो आपको पहले से इसकी जानकारी मिल सकती है।

HTTPS देखकर ही भरोसा न करें

कई लोग वेबसाइट के URL के पास लॉक आइकॉन देखकर उसे सुरक्षित मान लेते हैं। लेकिन सिर्फ HTTPS या लॉक आइकॉन होने का मतलब यह नहीं है कि वेबसाइट जरूरी तौर पर असली और भरोसेमंद है। इसलिए वेबसाइट का पूरा नाम, डोमेन और उसकी दूसरी जानकारी भी जांचना जरूरी है।

OTP किसी के साथ शेयर न करें

ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान अगर कोई व्यक्ति बैंक, कंपनी या किसी अन्य संस्था के नाम पर आपसे OTP मांगता है, तो उसे बिल्कुल शेयर न करें। OTP, बैंकिंग पासवर्ड, कार्ड PIN और दूसरी संवेदनशील जानकारी किसी के साथ शेयर करने से आपका पैसा खतरे में पड़ सकता है।
Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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