Air India Flight Cancellations: एयर इंडिया ने अमेरिका के पूर्वी तट पर भीषण शीतकालीन तूफान की आशंका के चलते 25 और 26 जनवरी को न्यूयॉर्क और नेवार्क जाने वाली अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। एयरलाइन दिल्ली और मुंबई से न्यूयॉर्क के लिए प्रतिदिन उड़ानें संचालित करती है। इसके अलावा, दिल्ली से नेवार्क के लिए रोजाना उड़ानें उपलब्ध हैं, जबकि मुंबई–नेवार्क रूट पर सेवाएं सप्ताह के चुनिंदा दिनों में चलती हैं। शनिवार को जारी एक बयान में एयर इंडिया ने बताया कि रविवार तड़के से सोमवार तक न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी और आसपास के इलाकों में भारी बर्फबारी के साथ गंभीर सर्दी के तूफान का अनुमान है। इस मौसम स्थिति का उड़ान संचालन पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है, इसी कारण ये उड़ानें रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
बोइंग 787-9 विमान का अपडेट
इसी बीच, एयर इंडिया अपने नए बोइंग 787-9 विमान को कुछ सीमाओं के साथ परिचालन में लाएगी। सूत्रों के मुताबिक, टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन विमान के बिजनेस क्लास सुइट्स में मौजूद निजी स्लाइडिंग दरवाजों और इकोनॉमी क्लास की 18 सीटों के लिए अमेरिकी विमानन नियामक (FAA) से मंजूरी का इंतजार कर रही है। यह ड्रीमलाइनर टाटा समूह द्वारा जनवरी 2022 में एयर इंडिया के स्वामित्व लेने के बाद बेड़े में शामिल होने वाला पहला विशेष जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया विमान है। यह विमान 1 फरवरी से मुंबई-फ्रैंकफर्ट मार्ग पर उड़ानें शुरू करेगा।
क्या-क्या चीजें हैं विमान में शामिल?
विमान में कुल 296 सीटें हैं, जिनमें 30 बिजनेस क्लास, 28 प्रीमियम इकोनॉमी और 238 इकोनॉमी क्लास सीटें शामिल हैं। इसमें से इकोनॉमी क्लास की 18 सीटें तब तक यात्रियों के उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं होंगी, जब तक FAA से आवश्यक मंजूरी नहीं मिल जाती। एयरलाइन के प्रवक्ता ने बताया कि नया बी 787-9 विमान 1 फरवरी से परिचालन में आएगा, लेकिन बिजनेस क्लास के स्लाइडिंग प्राइवेसी दरवाजे इस समय खुलकर उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि अन्य सभी सीट फीचर्स यात्रियों के लिए पूरी तरह उपलब्ध होंगे।
FAA की ओर से कोई टिप्पणी नहीं
प्रवक्ता ने आगे कहा कि इकोनॉमी क्लास की ये 18 सीटें फिलहाल बुकिंग के लिए बंद रहेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीट उत्पाद (रिकारो 3710) पूरी तरह प्रमाणित है और दुनिया की कई एयरलाइनों में उपयोग में है, लेकिन इन 18 सीटों के लिए नियामक व्याख्या लंबित है। इस मामले को हल करने के लिए एयरलाइन निर्माता और नियामक दोनों के साथ काम कर रही है। Federal Aviation Administration (FAA) ने इस प्रक्रिया पर कोई टिप्पणी नहीं की, जबकि बोइंग की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
(इनपुट - भाषा)
