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पीएम मोदी बोले, वर्षों की गुलामी के बाद हमारी लिखित-अलिखित विरासत को बर्बाद कर दिया गया

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 18, 2023, 02:19 PM IST

पीएम मोदी ने कहा कि हम अपने स्वतंत्रता संघर्ष में आदिवासी समुदाय के योगदान को सम्मान देने के लिए 10 विशेष संग्रहालयों का निर्माण कर रहे हैं।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (File photo)

Photo : IANS

PM Modi at International Museum Expo: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंटरनेशनल म्यूजियम एक्सपो 2023 के उद्घाटन के मौके पर कहा कि वर्षों की गुलामी का नतीजा यह रहा कि हमारी लिखित, अलिखित विरासत को बर्बाद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से आजादी के बाद हमारी विरासत को सहेजने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए। हम अपने स्वतंत्रता संघर्ष में आदिवासी समुदाय के योगदान को सम्मान देने के लिए 10 विशेष संग्रहालयों का निर्माण कर रहे हैं।

संग्रहालय सिर्फ घूमने की जगह नहीं, करियर के अवसर भी हैें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि संग्रहालय सिर्फ युवाओं के घूमने की जगह नहीं हैं, वे करियर के अवसर हैं और वैश्विक सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम के रूप में कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और सांस्कृतिक बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय और ग्रामीण संग्रहालयों के निर्माण पर ध्यान दिया गया है।

नई दिल्ली के प्रगति मैदान में अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय एक्सपो 2023 के उद्घाटन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, आज का अवसर भारत में संग्रहालयों की दुनिया में एक बड़ा मोड़ लाएगा। संग्रहालय अब हमारे युवाओं के लिए केवल दर्शनीय स्थलों तक ही सीमित नहीं रह गए हैं। वे एक कैरियर अवसर हैं। वे वैश्विक सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम के रूप में कार्य कर सकते हैं। हमारी कई पांडुलिपियां और पुस्तकालय गुलामी की अवधि के दौरान जला दिए गए थे, यह न केवल भारत का बल्कि पूरी दुनिया और पूरी मानव जाति का नुकसान था।

पीएम मोदी ने कहा कि अमृत महोत्सव में भारत की विरासत को संरक्षित करने के प्रयासों के साथ-साथ एक नया सांस्कृतिक ढांचा तैयार किया जा रहा है। अमृत महोत्सव में हम भारत की विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ एक नए सांस्कृतिक ढांचे का भी निर्माण कर रहे हैं। देश के इन प्रयासों में आजादी की लड़ाई का इतिहास भी है और हजारों साल की विरासत भी है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश की विरासत को संरक्षित करने के लिए सही प्रयास नहीं किए गए और इसके कारण लोगों में जागरूकता की कमी हुई।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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