देश

'मराठी-महाराष्ट्र का अपमान होगा तो बात आगे बढ़ सकती है', दुकानदार की पिटाई वाले वीडियो आदित्य ठाकरे का बयान

महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना नेता योगेश कदम ने कहा कि राज्य में मराठी जानना और बोलना जरूरी है, लेकिन हमला करने वालों को कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए था बल्कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज करानी चाहिए थी। योगेश कदम ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, 'महाराष्ट्र में मराठी बोलनी ही पड़ेगी।

Image

दुकानदार के पिटाई वाले वीडियो पर आदित्य ठाकरे ने दी सफाई।

Aditya Thackeray : कथित रूप से मराठी नहीं बोलने पर एक दुकानदार का पिटाई मामले में शिवसेना यूबीटी के विधायक आदित्य ठाकरे ने गुरुवार को बयान दिया। आदित्य ने कहा कि 'मराठी या महाराष्ट्र का अपमान होने पर लोगों की भावनाएं आहत और बात आगे बढ़ सकती है।' आरोप है कि मीरा रोड स्थित एक दुकानदार के मराठी नहीं बोलने पर कुछ लोगों ने उसकी पिटाई की। इस पिटाई का वीडियो अब सामने आया है। मीडिया से बातचीत में शिवसेना विधायक ने कहा कि 'हम चाहते हैं कि हमारी मातृभाषा मराठी का अपमान न हो और किसी भी भाषा को जबरन थोप न जाए। हम नहीं चाहते कि कोई व्यक्ति कानून अपने हाथ में ले।'

दुकानदार ने कहा-उसे नहीं पता कि मराठी बोलना अनिवार्य है

पिटाई का वीडियो वायरल होने के एक दिन बाद आदित्य ने यह बयान दिया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं को एक मिठाई की दुकान के अंदर दुकानदार से बहस करते और फिर उसे शारीरिक रूप से पीटते हुए देखा गया। बताया गया कि दुकानदार के यह कहने पर कि उसे नहीं पता था कि मराठी बोलना अनिवार्य है, कार्यकर्ताओं ने नाराज होकर हमला कर दिया।

किसी को कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए-कदम

इस घटना पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना नेता योगेश कदम ने कहा कि राज्य में मराठी जानना और बोलना जरूरी है, लेकिन हमला करने वालों को कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए था बल्कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज करानी चाहिए थी। योगेश कदम ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, 'महाराष्ट्र में मराठी बोलनी ही पड़ेगी। अगर आपको मराठी नहीं आती है, तो ऐसा रवैया नहीं होना चाहिए कि हम मराठी नहीं बोलेंगे। अगर कोई महाराष्ट्र में मराठी का अपमान करेगा तो हम अपने कानूनों को लागू करेंगे। जिन्होंने दुकानदार को पीटा, उन्हें कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए था। उन्हें संबंधित व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज करानी चाहिए थी, कार्रवाई होती।'

शनिवार शाम मीरा रोड पर हुई घटना

यह घटना शनिवार शाम मीरा रोड पर हुई, जहां तीन लोग, जिन्हें बाद में एमएनएस कार्यकर्ता बताया गया, एक मिठाई की दुकान के मालिक से मराठी न बोलने को लेकर भिड़ गए। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हुई और सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। वीडियो में दुकानदार कहता है, 'मुझे नहीं पता था कि मराठी अनिवार्य है। कोई तो सिखाएगा' जिसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। जैसे-जैसे स्थिति बिगड़ी, दो लोगों ने दुकानदार को बार-बार थप्पड़ मारे, उनमें से एक ने कई बार प्रहार किए। एक अन्य व्यक्ति को दुकानदार को धमकी देते हुए सुना गया कि वह अब उस इलाके में दुकान नहीं चला पाएगा।

एमएनएस कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज

घटना के बाद सात एमएनएस कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है, जिनमें अशांति फैलाने के आरोप भी शामिल हैं। राज ठाकरे के नेतृत्व वाली एमएनएस तीन-भाषा फॉर्मूले का विरोध करती रही है। पार्टी ने शनिवार को मुंबई में इस नीति के खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन भी करने की योजना बनाई थी, जिसमें महाराष्ट्र के स्कूलों में हिंदी, अंग्रेज़ी और मराठी पढ़ाना अनिवार्य किया गया है। विवाद के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने इस नीति पर पहले जारी किए गए दो प्रस्तावों को वापस ले लिया है और एक नई समिति का गठन किया जाएगा जो इस मामले की दोबारा समीक्षा करेगी।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें
End of Article