New Parliament: नए संसद भवन के उद्घाटन से पहले शनिवार शाम को अधीनम महंत ने पीएम मोदी सेंगोल सौंपा। इस दौरान संतों ने पीएम मोदी को आशीर्वाद भी दिया। चेन्नई से शनिवार को ही अधीनम पुजारी दिल्ली पहुंचे थे। सेंगोल को कल यानि कि 28 मई को नई संसद भवन में स्थापित किया जाएगा। अधीनम के पुजारियों ने आज शाम पीएम मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की और उन्होंने उनका आशीर्वाद लिया। कल सुबह 8:30-9 बजे के बीच नई संसद के लोकसभा कक्ष में सेनगोल की स्थापना की जाएगी।
पीएम मोदी ने लिया आशीर्वाद
तमिलनाडु से दिल्ली आए अधीनम ने प्रधानमंत्री मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की और मंत्रोच्चारण के बीच उन्हें सेंगोल (राजदंड) सहित विशेष उपहार दिए। पीएम मोदी ने उनका आशीर्वाद लिया और उनका अभिनंदन किया।
क्या है सेंगोल
सेंगोल एक सुनहरा राजदंड है, जिसे भारत की स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को सौंप दिया गया था। सेंगोल, इससे पहले इलाहाबाद के एक संग्रहालय में रखा हुआ था। सेंगोल की उत्पत्ति चोल साम्राज्य में हुई थी, जहां इसे एक राजा से दूसरे राजा को सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। इसके ऊपर नंदी की नक्काशी है, जिसे न्याय का प्रतीक माना जाता है। सेंगोल का इस्तेमाल 14 अगस्त, 1947 को अंग्रेजों से भारतीय हाथों में सत्ता हस्तांतरित करने के लिए किया गया था और इसे तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने राजेंद्र प्रसाद और कई अन्य लोगों की उपस्थिति में स्वीकार किया था।
सेंगोल कहां होगा स्थापित
चांदी से निर्मित और सोने की परत वाले इस ऐतिहासिक राजदंड को 28 मई को लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी के पास स्थापित किया जाएगा। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नये संसद भवन को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा। सेंगोल को लेकर विपक्ष मोदी सरकार पर सवाल भी खड़े कर चुका है।
