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भारत आ रहे अबू धाबी के ‘क्राउन प्रिंस’, पीएम मोदी से करेंगे खास मुलाकात; जानें क्या है पूरा प्लान

अबू धाबी के 'क्राउन प्रिंस' नाहयान दो दिवसीय यात्रा पर रविवार को भारत आ रहे हैं। शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान अपने इस दौरे में पीएम मोदी के साथ खास मुलाकात करेंगे। इस दौरे के दौरान वो क्या कुछ करेंगे, आपको इस रिपोर्ट में सबकुछ बताते हैं।

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दो दिवसीय यात्रा पर अबू धाबी के 'क्राउन प्रिंस' रविवार को भारत आ रहे हैं।

Abu Dhabi Crown Prince Visit India: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अबू धाबी के ‘क्राउन प्रिंस’ शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यापक वार्ता के लिए रविवार को दो दिवसीय यात्रा पर भारत आएंगे। विदेश मंत्रालय ने यात्रा की घोषणा करते हुए कहा कि अल नाहयान की यात्रा भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच मजबूत संबंधों को और प्रगाढ़ करेगी तथा नए और उभरते क्षेत्रों में साझेदारी के लिए रास्ते खोलेगी। प्रधानमंत्री मोदी और ‘क्राउन प्रिंस’ रविवार को द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर बातचीत करेंगे।

दिल्ली के अलावा मुंबई जाएंगे क्राउन प्रिंस

द्विपक्षीय मुद्दों के अलावा, दोनों नेताओं के बीच इजराइल-हमास संघर्ष से उत्पन्न समग्र स्थिति पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। नाहयान का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात का कार्यक्रम है। वह महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट भी जाएंगे। ‘क्राउन प्रिंस’ के साथ यूएई सरकार के कई मंत्री और एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी होगा। अपनी यात्रा के दिल्ली चरण के समापन के बाद, नाहयान सोमवार को एक व्यापार मंच में भाग लेने के लिए मुंबई की यात्रा करेंगे। दोनों देशों के शीर्ष व्यापारिक नेता इस मंच में भाग लेंगे।

द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने का उल्लेख

विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी के आमंत्रण पर अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान नौ और 10 सितंबर को भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे।' विदेश मंत्रालय ने पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने का भी उल्लेख किया। मंत्रालय ने कहा, 'भारत और यूएई के बीच ऐतिहासिक रूप से घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं। हाल के वर्षों में, भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी राजनीतिक, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और संस्कृति सहित कई क्षेत्रों में गहरी हुई है।'

आर्थिक साझेदारी समझौते पर हो चुका है हस्ताक्षर

अगस्त 2015 में मोदी की यूएई की ऐतिहासिक यात्रा के बाद, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक पहुंच गए। दोनों देशों ने सीमा पार लेनदेन के लिए भारतीय रुपया और एईडी (संयुक्त अरब अमीरात दिरहम) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए फरवरी 2022 में एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) और जुलाई 2023 में एक स्थानीय मुद्रा निपटान (एलसीएस) प्रणाली पर हस्ताक्षर किए।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2022-23 में लगभग 85 अरब अमेरिकी डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार के साथ दोनों देश एक-दूसरे के शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में से हैं। 2022-23 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मामले में भी यूएई भारत में शीर्ष चार निवेशकों में शामिल है। यूएई में भारतीय समुदाय के करीब 35 लाख लोग हैं, जो वहां सबसे बड़ा प्रवासी समूह है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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