Abhijeet Dipke X Post Jantar Mantar: नीट (NEET) प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्रों के आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ गई है। रातभर ड्रिप (IVs), इंजेक्शन और ब्लड टेस्ट की प्रक्रिया से गुजरने के बाद भी दीपके ने अपने कदम पीछे खींचने से इनकार कर दिया है और वे सीधे जंतर-मंतर पर जारी धरना स्थल पहुंच गए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी सेहत का अपडेट साझा करते हुए अभिजीत दीपके ने साफ कर दिया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक उनका यह शांतिपूर्ण आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
शरीर में कमजोरी, हौसला बुलंद
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के जरिए आंदोलनकारी छात्रों और देशवासियों को एक मैसेज दिया। दीपके ने बताया कि तेज बुखार और शारीरिक कमजोरी के कारण उन्हें पूरी रात IV ड्रिप, इंजेक्शन और ब्लड टेस्ट से गुजरना पड़ा। शारीरिक रूप से बेहद कमजोर महसूस करने के बावजूद दीपके ने कहा कि छात्रों के अधिकारों और न्याय के लिए शुरू हुई यह लड़ाई किसी भी कीमत पर रुकने वाली नहीं है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अडिग CJP
सोनम वांगचुक द्वारा अनशन खत्म किए जाने और केंद्र सरकार द्वारा जे.पी. नड्डा व डॉ. जितेंद्र सिंह के जरिए वार्ता के लगातार दिए जा रहे प्रस्तावों के बीच CJP नेतृत्व अपनी मुख्य मांग पर कायम है। CJP संयोजक ने अपने समर्थकों और प्रदर्शनकारी छात्रों से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन बनाए रखने की अपील की है। सरकार द्वारा दिए गए अन्य आश्वासनों के बावजूद, CJP का स्पष्ट रुख है कि देश की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और नैतिक जवाबदेही तय करने के लिए शिक्षा मंत्री प्रधान का इस्तीफा ही एकमात्र समाधान है। इस बीच सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ दिया है।
