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इंजीनियर राशिद को मिली संसद जाने की इजाजत, टेरर फंडिंग मामले में जेल में हैं बंद

दिल्ली की अदालत ने तिहाड़ में बंद लोकसभा सांसद इंजीनियर राशिद को शीतकालीन सत्र में हिरासत में मौजूदगी के साथ शामिल होने की अनुमति दी है। यात्रा खर्च पर फैसला हाई कोर्ट की लंबित अपील पर निर्भर करेगा। राशिद 2019 से यूएपीए के तहत टेरर फंडिंग केस में जेल में हैं और 2024 में बारामूला से उमर अब्दुल्ला को हराकर सांसद बने।

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संसद के शीतकालनी सत्र में शामिल हो सकते हैं इंजीनियर राशिद।(फोटो सोर्स: ANI)

दिल्ली की एक अदालत ने तिहाड़ जेल में बंद लोकसभा सांसद इंजीनियर राशिद को संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में हिरासत में मौजूदगी के साथ शामिल होने की अनुमति दे दी है। अदालत में यह याचिका उनके वकील द्वारा दायर की गई थी, जिसमें कहा गया था कि एक सांसद होने के नाते राशिद का संसद सत्र में भाग लेना उनका सार्वजनिक कर्तव्य है।

हालांकि अदालत ने साफ किया कि यात्रा खर्च के संबंध में अंतिम फैसला दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित अपील पर निर्भर करेगा। इससे पहले भी उन्हें मानसून सत्र में शामिल होने के लिए कस्टडी पैरोल और विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी।

UAPA के तहत हुई थी इंजीनियर राशिद की गिरफ्तारी

इंजीनियर राशिद 2019 से तिहाड़ जेल में बंद हैं। उन्हें एनआईए ने 2017 के कथित टेरर फंडिंग मामले में यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया था। 2024 लोकसभा चुनाव में उन्होंने बारामूला से तत्कालीन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को हराया था।

कौन है इंजीनयर राशिद?

इंजीनियर राशिद, जिनका पूरा नाम शेख अब्दुल राशिद है, जम्मू-कश्मीर की राजनीति का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। वे कश्मीर के बांदीपोरा इलाके के रहने वाले हैं और पेशे से सिविल इंजीनियर रहे, इसी वजह से लोग उन्हें ‘इंजीनियर राशिद’ के नाम से जानते हैं।

उन्होंने आवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) की स्थापना की और लंबे समय से कश्मीर में सामाजिक मुद्दों, मानवाधिकार और क्षेत्रीय राजनीति से जुड़े सवाल उठाते रहे हैं। पहले वे लंगेट विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे।

2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बड़ा उलटफेर किया और बारामूला सीट से पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को हराया। जेल में होने के बावजूद उनकी लोकप्रियता बनी रही और अदालत ने मौसमी सत्रों में भाग लेने के लिए कई बार उन्हें कस्टडी पैरोल या अंतरिम राहत दी।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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