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Swati Maliwal Exclusive: मैंने AAP को 2006 से अपना खून-पसीना दिया लेकिन केजरीवाल मेरे साथ खड़े नहीं हुए, टाइम्स नाउ नवभारत से बोलीं स्वाति मालीवाल

Swati Maliwal Exclusive: टाइम्स नाउ नवभारत के खास शो 'सवाल पब्लिक का' में टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत की ग्रुप एडिटर-इन-चीफ नाविका कुमार से एक्सक्लूसिव बातचीत में स्वाति मालीवल ने घटना वाले दिन के कई राज खोले।

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जानिए टाइम्स नाउ नवभारत पर क्या बोलीं स्वाति मालीवाल

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Swati Maliwal Exclusive: आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने अपने साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर टाइम्स नाउ नवभारत के साथ खास बातचीत की। इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में स्वाति मालीवाल ने कहा कि हमले के दिन से, मैं मुश्किल से सो पा रही हूं। जैसे ही मैं उठती हूं, मेरे पेट में दर्द महसूस होता है... मैं सदमे में और बिखरी हुई महसूस करती हूं। उन्होंने कहा कि 'मैं कभी सोच भी नहीं सकती थी कि जिस पार्टी (आप) को मैंने 2006 से अपना खून-पसीना दिया है, आज वह पार्टी (आप) और मैं इस मुकाम पर खड़े होंगे कि मुझे सीएम आवास में बुरी तरह पीटा जाएगा और फिर भी सीएम मेरे साथ खड़े नहीं होंगे। उन्होंने बाद में कहा कि अगर मैं अतिक्रमण कर रही थी, तो उन्होंने मुझे गेट पर ही रोक दिया होता... 'मुख्यमंत्री का घर है, मज़ाक थोड़ी है'... अगर कोई अपॉइंटमेंट लेकर नहीं आता है, क्या तुम उसे मारोगे?

इससे पहले, इस एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में स्वाति मालीवाल ने कहा कि उनके साथ मारपीट करने वाले बिभव कुमार, अरविंद केजरीवाल के बहुत बड़े राजदार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत के खास शो 'सवाल पब्लिक का' में टाइम्स नाउ और टाइम्स नाउ नवभारत की ग्रुप एडिटर-इन-चीफ नाविका कुमार से एक्सक्लूसिव बातचीत में स्वाति मालीवल ने घटना वाले दिन के कई राज भी खोले।

ऐसा लगता है कि जैसे मेरा सब कुछ खत्म हो गया है- स्वाति मालीवाल

स्वाति मालीवाल ने कहा- मैंने दिल्ली महिला आयोग में 9 साल में 1 लाख 70 हजार मामलो को हैंडल किया हैं। मैं कई पीड़ितों से मिली हूं...हमेशा सोचती थी कि कैसे होता होगा, कितना दर्द होता होगा? आज जब मेरे साथ हुआ, तब जाकर मैं समझ पाई हूं...हर दिन जब से ये अटैक हुआ है, 6 बजे मेरी नींद खुल जाती है...जिन लोगों के साथ मैंने काम किया, आज उन्होंने मुझे इतनी समस्या के वक्त में अकेले छोड़ दिया। आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने आगे कहा कि उस घटना को लेकर उन्हें काफी दुख है।

उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि जैसे मेरा सब कुछ खत्म हो गया है। इस दौरान स्वाति मालीवाल ने ये भी बताया कि कैसे उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद, जॉब छोड़कर अरविंद केजरीवाल के एनजीओ को ज्वाइन किया था। सुंदर नगरी की झुग्गियों में कई साल रही। आरटीआई से लेकर राशन तक के आंदोलन में शामिल रही। घटना के दिन केजरीवाल से मुलाकात को लेकर स्वाति मालीवाल ने बताया कि तिहाड़ से जब केजरीवाल बाहर आए तो सभी नेता मिलने जा रहे थे, वो भी गई। जहां तक अप्वाइंटमेंट की बात है तो वो कभी भी केजरीवाल से अप्वाइंटमेंट लेकर नहीं मिलने गईं हैं।

स्वाति मालीवाल ने बताया कि जब वो 13 मई को केजरीवाल के घर पर गईं तो पहले स्टाफ ने उन्हें बैठाया, कहा कि अरविंद केजरीवाल घर पर हैं, वो मिलने आ रहे हैं। इसके बाद बिभव कुमार आते हैं, चीखने लगते हैं, फिर हाथ छोड़ देते हैं। स्वाति मालीवाल ने दावा किया है बिभव कुमार ने 7-8 बार उन्हें थप्पड़ मारा। स्वाति मालीवाल ने बताया कि उनसे राज्यसभा से इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा गया था, जैसे कि दावा किया जा रहा है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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