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AAP vs BJP: केजरीवाल की हत्या की 'गहरी साजिश' के आरोप पर सियासी घमासान, जानें किसने क्या कहा

Delhi Politics: आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की हत्या की 'गहरी साजिश' रचने का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा ने आप के इस आरोप को 'नाटक' करार दिया है।

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अरविंद केजरीवाल।

Arvind Kejriwal News: आम आदमी पार्टी (आप) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर अपने राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की हत्या की 'गहरी साजिश' रचने का शनिवार को आरोप लगाया। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने ‘आप’ के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को बदनाम करने के लिए सत्तारूढ़ पार्टी का एक और 'नाटक' है। ‘आप’ नेताओं ने शुक्रवार को आरोप लगाया था कि पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी में पदयात्रा के दौरान केजरीवाल पर 'भाजपा के गुंडों' ने हमला किया। भाजपा ने इस आरोप को खारिज किया है।

केजरीवाल की हत्या की गहरी साजिश का आरोप

‘आप’ की ओर से कथित हमले का कोई वीडियो उपलब्ध नहीं कराया गया। पुलिस ने कहा कि उसे ‘आप’ की ओर से कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है। ‘आप’ के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया, 'घटना में पुलिस की मिलीभगत केजरीवाल की हत्या की गहरी साजिश को साफतौर पर दर्शाती है। भाजपा उनकी जान की दुश्मन बन गई है।' सिंह के इस आरोप पर पुलिस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है। ‘आप’ नेता ने कहा कि विकासपुरी की घटना के बावजूद केजरीवाल तय कार्यक्रम के अनुसार पदयात्रा अभियान जारी रखेंगे।

घटना के संबंध में कोई शिकायत क्यों नहीं दर्ज कराई?

केजरीवाल समेत ‘आप’ के विभिन्न नेता फरवरी 2025 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के मद्देनजर विधानसभा क्षेत्रों में पदयात्राएं कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि पार्टी ने इस घटना के संबंध में कोई शिकायत क्यों नहीं दर्ज कराई, सिंह ने कहा कि अगर पुलिस 'निष्पक्ष' होती और उसके अधिकारी हमलावरों के समूह को रोकने के लिए कुछ करते तो यह घटना नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि हमलावर भाजपा की युवा इकाई के थे। ‘आप’ नेता ने कहा कि पुलिस घटना का संज्ञान लेकर जांच कर सकती है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए कानूनी सलाह ले रही है।

'जनता की सहानुभूति हासिल करने की कोशिश'

‘आप’ सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता केजरीवाल पर हमला करने वालों का समर्थन कर रहे हैं। दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने एक अन्य प्रेस वार्ता में कहा, 'भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के पदाधिकारियों ने केजरीवाल पर हमला किया। हमलावरों में से एक भाजयुमो की दिल्ली इकाई का उपाध्यक्ष है और दूसरा इसका महासचिव है।' भारद्वाज ने दावा किया कि केजरीवाल पर हमला करने के बाद नाच रहे दो भाजपा सदस्य पार्षद का चुनाव हार गए थे।

भाजपा नेता गुप्ता ने ‘आप’ के दावों को खारिज करते हुए कहा, 'भाजपा पर आरोप लगाने के बावजूद ‘आप’ ने केजरीवाल पर कथित हमले को लेकर कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है, जिससे पता चलता है कि पार्टी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को बदनाम करके जनता की सहानुभूति हासिल करने की कोशिश कर रही है।' भाजपा नेता ने कहा कि आम आदमी पार्टी 'घटते जनसमर्थन' से चिंतित है और इस तरह की रणनीति के जरिये लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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