देश

मणिपुर में सुधर रहे हालात! 7 जिलों के लोगों ने अवैध हथियार किए सरेंडर; 87 तरह के बंदूक और गोला-बारूद सौंपे

Manipur Violence: अशांत मणिपुर के सात जिले में सुरक्षा बलों को कुल 87 आग्नेयास्त्र और गोला-बारूद सौंपा गया है। सबसे अधिक हथियार इंफाल पश्चिम जिले में सौंपे गए। मणिपुर के मुख्य सचिव पीके सिंह ने रविवार को कहा था कि अगर कोई हथियार त्यागना चाहता है तो लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को स्वेच्छा से पुलिस के सुपुर्द करने के लिए दिया गया सात दिन का समय पर्याप्त है।

Image

मणिपुर के लोगों ने पुलिस को सौंपे अवैध हथियार (फोटो साभार: @manipur_police)

Photo : Twitter

Manipur Violence: अशांत मणिपुर के सात जिले में सुरक्षा बलों को कुल 87 आग्नेयास्त्र और गोला-बारूद सौंपा गया है। सबसे अधिक हथियार इंफाल पश्चिम जिले में सौंपे गए। इनमें 12 कार्बाइन मशीन गन और मैगजीन, .303 की दो राइफल के साथ मैगजीन, दो एसएलआर राइफल और उसकी मैगजीन, 12 बोर 'सिंगल बैरल' की चार गन और एक आईईडी शामिल है।

पुलिस को सौंपे गए अवैध हथियार

जिरीबाम जिले में सौंपे गए हथियारों में 12 बोर की पांच 'डबल बैरल' बंदूक, नौ मिमी कार्बाइन के साथ मैगजीन और एक ग्रेनेड शामिल है। कांगपोकपी जिले में दो मैगजीन के साथ एके-47 राइफल, .303 राइफल, एक 'स्मिथ एंड वेसन' रिवॉल्वर, मैगजीन के साथ .22 पिस्तौल, एक 'सिंगल बैरल' राइफल और ग्रेनेड समेत हथियार सौंपे गए। मंगलवार को बिष्णुपुर, थौबल, इंफाल पूर्वी और चुराचांदपुर जिलों में भी हथियार पुलिस को सौंपे गए।

नहीं होगी दंडात्मक कार्रवाई

राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने लोगों से लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को सात दिन के भीतर स्वेच्छा से पुलिस के सुपुर्द करने का 20 फरवरी को आग्रह किया था। उन्होंने आश्वासन दिया था कि इस अवधि के दौरान हथियार छोड़ने वालों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

मणिपुर के मुख्य सचिव पीके सिंह ने रविवार को कहा था कि अगर कोई हथियार त्यागना चाहता है तो लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को स्वेच्छा से पुलिस के सुपुर्द करने के लिए दिया गया सात दिन का समय पर्याप्त है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अवधि समाप्त होने के बाद सुरक्षा बल कार्रवाई करेंगे।

जातीय हिंसा में 250 से अधिक की मौत

मई 2023 से इंफाल घाटी में मेइती और आसपास की पहाड़ियों पर बसे कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के अपने पद से इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद पूर्वोत्तर राज्य में राजनीतिक अनिश्चितता पैदा हो गई थी। इसके बाद केंद्र ने 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, मणिपुर विधानसभा को निलंबित कर दिया गया है। विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!