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47 अजगर और 2 छिपकली लेकर कहां जा रहा था ये शख्स? AirPort पर नहीं पकड़ते तो कर देता 'कांड'

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 31, 2023, 11:12 AM IST

Trichy Airport: यात्री मलेशिया के कुआलालंपुर से त्रिची एयरपोर्ट पहुंचा था, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया है। अधिकारियों से कहना है कि यात्री से पूछताछ जारी है और इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। यात्री की पहचान मुहम्मद मोइदीन के रूप में की गई है।

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Pythons and Lizards in Trichy Airport

Trichy Airport: एयरपोर्ट पर अक्सर आपने सोना-चांदी, हीरे, नकदी और हथियारों की बरामदगी की खबरें सुनी होंगी। लेकिन रविवार को तमिलनाडु के त्रिची एयरपोर्ट पर ऐसी घटना हुई, जिसने न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए बल्कि यात्री भी हैरान हो गए। दरअसल, यहां पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने एक यात्री के ट्रॉली बैग से 47 अजगर और दो छिपकलियां बरामद की हैं।

अधिकारियों ने बताया, यात्री मलेशिया के कुआलालंपुर से त्रिची एयरपोर्ट पहुंचा था, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया है। अधिकारियों से कहना है कि यात्री से पूछताछ जारी है और इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। यात्री की पहचान मुहम्मद मोइदीन के रूप में की गई है।

अधिकारियों को बैग में दिखा कुछ संदिग्ध

अधिकारियों ने बताया, यात्री कुआलालंपुर के बाटिक एयर की उड़ान से त्रिची एयरपोर्ट पहुंचा था। नियमित जांच के दौरान उनके बैग में कुछ संदिग्ध दिखाई दिया, जिसके बाद अधिकारियों ने उसकी सघन तलाशी ली। अधिकारियों को उसके बैग में कई बक्सों में जीवित सांप और छिपकली मिलीं।

मलेशिया वापस भेजे जाएंगे सरीसृप

यात्री के पास जीवित अजगर और छिपकली मिलने के बाद वन विभाग को इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद वन विभाग के अधिकारी भी हवाई अड्डे पहुंचे। उन्होंने 47 अजगर और दो छिपकलियां बरामद कीं। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के मुताबिक वन विभाग ने सरीसृपों को वापस मलेशिया भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मोइदीन को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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