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गुजरात में छिपे मिले 450 अवैध बांग्लादेशी प्रवासी, हिरासत में लिए गए 6500 संदिग्ध; चलाया जा रहा तलाशी अभियान

गुजरात सरकार ने अवैध बांग्लादेशी निवासियों के खिलाफ अपना ‘अब तक का सबसे बड़ा अभियान’ शुरू किया है। जिसमें पुलिस राज्यभर में छिपे अवैध बांग्लादेशियों की पहचान कर, उन्हें वापस भेजने की तैयारी कर रही है।

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गुजरात पुलिस चला रही है अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ अभियान (फोटो-AIR)

गुजरात में छिपकर रह रहे सैकड़ों अवैध बांग्लादेशियों की पहचान पुलिस ने की है। साथ ही 6500 संदिग्धों को हिरासत में लेकर भी जांच कर रही है। गुजरात पुलिस हाल के दिनों में पूरे राज्य में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ अभियान चला रही है, ताकि ऐसे लोगों को पकड़ा जा सके और उन्हें भारत से निकाला जा सके।

गुजरात पुलिस का अभियान

गुजरात के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विकास सहाय ने सोमवार को कहा कि बिना किसी दस्तावेज के भारत में रह रहे 450 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की गयी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के नागरिक होने के संदेह में 6500 लोगों को हिरासत में लिया गया है। डीजीपी सहाय ने कहा कि अहमदाबाद और सूरत में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान के बाद पूरे राज्य में इसी तरह के अभियान चलाए गए, जिनमें लगभग 6,500 संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को हिरासत में लिया गया और उनकी पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने बताया, ‘‘अहमदाबाद और सूरत में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाये जाने के बाद गुजरात के सभी जिलों और पुलिस आयुक्तालयों को ऐसा (बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करने) करने को कहा गया। मेरे पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हमने करीब 6,500 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की है। अभी तक करीब 450 बांग्लादेशी नागरिकों के यहां (गुजरात में) अवैध रूप से रहने की पुष्टि हुई है। बाकी हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है। हमें लगता है कि हम बड़ी संख्या में अवैध बांग्लादेशियों की पहचान स्थापित करने में सफल होंगे।’’

पुलिस जमा कर रही है सबूत

उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी नागरिक के रूप में उनकी पहचान स्थापित हो जाने के बाद, केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के समन्वय से उनके निर्वासन के लिए कदम उठाए जाएंगे। पुलिस के मुताबिक अहमदाबाद और सूरत में तलाशी अभियान चलाये जाने के बाद हिरासत में लिए गए 1,000 से अधिक संदिग्ध बांग्लादेशियों से पूछताछ की जा रही है। सहाय ने कहा कि उनके निर्वासन के लिए कदम उठाने से पहले उनकी राष्ट्रीय पहचान स्थापित करने के लिए दस्तावेजी और तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।

सरकार का एक्शन

गुजरात सरकार ने शनिवार को दावा किया था कि उसने राज्य में अवैध बांग्लादेशी निवासियों के खिलाफ अपना ‘अब तक का सबसे बड़ा अभियान’ शुरू किया और सिर्फ एक रात में अहमदाबाद और सूरत में बांग्लादेश के क्रमश: 890 और 134 ‘अवैध’ प्रवासियों को हिरासत में लिया। सरकार ने एक बयान में कहा कि कार्रवाई के बाद, गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस की और उन्हें ‘अभियान को तेज करने और बांग्लादेशियों की सभी गतिविधियों की गहन जांच करने और जहां भी आवश्यक हो, सख्त कार्रवाई करने’ का निर्देश दिया।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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