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Malegaon Blast Case: मालेगांव विस्फोट मामले में चार आरोपी बरी, बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला

2006 Malegaon Blast Case: मामले की शुरुआती जांच राज्य आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने की थी, जिसने इस मामले में नौ मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया था।

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मालेगांव धमाका केस में 4 आरोपी बरी

Photo : PTI

2006 Malegaon Blast Case: बंबई उच्च न्यायालय ने 2006 के मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी चार लोगों को बुधवार को बरी कर दिया और विशेष अदालत द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को रद्द कर दिया। मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति श्याम चांडक की खंडपीठ ने चारों आरोपियों राजेंद्र चौधरी, धन सिंह, मनोहर राम सिंह नरवरिया और लोकेश शर्मा द्वारा विशेष अदालत के आदेश के खिलाफ दायर अपीलों को मंजूर कर लिया। अदालत के विस्तृत आदेश की प्रति बाद में उपलब्ध कराई जाएगी।

घटना में 31 लोगों की मौत हुई थी

इन चारों पर भारतीय दंड संहिता की, हत्या और आपराधिक साजिश से संबंधित विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। साथ ही उन पर कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत भी मामला दर्ज किया गया था। आठ सितंबर 2006 को नासिक जिले के मालेगांव कस्बे में चार बम विस्फोट हुए थे। इनमें से तीन धमाके शुक्रवार की नमाज के बाद हमीदिया मस्जिद और बड़ा कब्रिस्तान परिसर में हुए थे, जबकि चौथा धमाका मुशावरत चौक में हुआ था। इस घटना में 31 लोगों की मौत हो गई थी और 312 लोग घायल हुए थे।

एटीएस ने की थी जांच

मामले की शुरुआती जांच राज्य आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने की थी, जिसने इस मामले में नौ मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया था। बाद में जांच अपने हाथ में लेने वाले राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने दावा किया था कि ये विस्फोट दक्षिणपंथी चरमपंथियों की करतूत थे। एनआईए ने इन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। विशेष अदालत ने पहले ही नौ मुस्लिम युवकों को इस मामले में बरी कर दिया था।

पिछले वर्ष सितंबर में विशेष अदालत ने इन चार आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे, जिसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया। इस वर्ष जनवरी में उच्च न्यायालय ने याचिकाओं को स्वीकार करते हुए कहा था कि हस्तक्षेप के लिए प्रथम दृष्टया मामला बनता है। साथ ही उच्च न्यायालय ने अंतिम निर्णय तक निचली अदालत की आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। चारों आरोपियों ने उच्च न्यायालय में अपनी याचिका में दावा किया था कि एनआईए उनके खिलाफ कोई सबूत पेश करने में विफल रही है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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