Uttarakhand avalanche death toll update: नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) के पर्वतारोहियों के एक दल के उत्तरकाशी में हिमस्खलन में फंसने के दो दिन बाद बृहस्पतिवार को 12 और शव बरामद किए गए। संस्थान की तरफ से यह जानकारी दी गई, माना जा रहा है कि 15 पर्वतारोही अब भी लापता हैं। पर्वतारोही चढ़ाई के बाद लौटते समय 17 हजार फुट की ऊंचाई पर द्रौपदी का डांडा-द्वितीय चोटी पर मंगलवार को हिमस्खलन की चपेट में आ गये थे।
एनआईएम के मुताबिक, 12 और शव मिलने के साथ ही अब तक बरामद किए जा चुके शवों की संख्या 16 हो गई है, जिनमें से अधिकतर प्रशिक्षु थे।गौर हो कि दो दिन पूर्व उत्तरकाशी जिले के द्रौपदी का डंडा शिखर पर हिमस्खलन में 10 ट्रेनी पर्यवेक्षकों की मौत की खबर सामने आई थी,नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के 29 प्रशिक्षु पर्वतारोहियों का एक समूह मंगलवार को उत्तरकाशी जिले के द्रौपदी का डंडा शिखर पर हिमस्खलन में फंस गया था 19 लोग अभी भी लापता बताए गए थे,जिन्हें स्थानीय प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी एवं सेना की टीमें लापता लोगों का तलाश कर रही हैं।
वहीं नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्राचार्य कर्नल अमित बिष्ट ने कहा था कि उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में माउंट द्रौपदी का डांडा-2 शिखर पर मंगलवार को नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की 41 सदस्यीय टीम के हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद वहां दस शव देखे गए हैं।बिष्ट ने कहा कि हिमस्खलन सुबह करीब पौने नौ बजे लगभग 17,000 फुट की ऊंचाई पर तब हुआ जब उत्तरकाशी स्थित 'निम' के 34 प्रशिक्षु पर्वतारोहियों और सात प्रशिक्षकों का एक दल शिखर से वापस लौट रहा था।
'पर्वतारोहण प्रशिक्षुओं का दल अपने प्रशिक्षकों के साथ अधिक ऊंचाई वाली चोटी पर गया था'कर्नल बिष्ट ने कहा कि 'निम' में एक उन्नत प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के तहत, पर्वतारोहण प्रशिक्षुओं का दल अपने प्रशिक्षकों के साथ अधिक ऊंचाई वाली चोटी पर गया था।उत्तरकाशी आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने पहले दिन में कहा था कि फंसे हुए लोगों में से आठ को बचा लिया गया है।
