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फेफड़ों से जुड़ी इस खतरनाक बीमारी से हुआ जाकिर हुसैन का निधन, US में भी नहीं मिला इलाज, जानें क्या हैं इसके लक्षण

Zakir Hussain Death Reason In Hindi: देश के महान तबला वादक जाकिर हुसैन का फेफड़ों से जुड़ी एक खतरनाक बीमारी की वजह से निधन हो गया। महज 73 वर्ष की उम्र में ही इस बीमारी की वजह से उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। यहां जानें क्या है ये खतरनाक बीमारी...

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Zakir Hussain Death Reason In Hindi

Zakir Hussain Death Reason In Hindi: देश के महान तबला वादक जाकिर हुसैन का सोमवार को यूएस के अस्पताल में निधन हो गया है। वह 73 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए। उनकी मौत की फेफड़ों से जुड़ी एक खतरनाक बीमारी को बताया जा रहा है, जिसका इलाज वह कुछ समय से यूएस के अस्पताल में ले रहे थे। लेकिन अमेरिका के अस्पताल में भी इस गंभीर बीमारी का इलाज नहीं हो सका। यहां जानें आखिर फेफड़ों की किस बीमारी ने ली जाकिर हुसैन की जान।

फेफड़ों की इस बीमारी की वजह से गई जाकिर हुसैन की जान

न्यूज एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट की मानें तो जाकिर हुसैन लंबे समय से इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस (आईपीएफ) नामक फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थे। यह एक गंभीर क्रॉनिक बीमारी है। आईपीएफ से पीड़ित व्यक्ति को सांस लेने में काफी दिक्कत होती है। आईपीएफ फेफड़ों में वायु कोषों या एल्वियोली के आस-पास के ऊतकों को प्रभावित करती है। फेफड़ों के ऊतक मोटे और कठोर हो जाते हैं और समय के साथ ये समस्याएं बढ़ती जाती हैं। एक समय ऐसा आता है, जब फेफड़ों में स्थायी निशान बन जाता है, जिसे फाइब्रोसिस कहा जाता है, जिससे व्यक्ति का सांस लेना धीरे-धीरे मुश्किल हो जाता है।

किन लोगों को होता है अधिक खतरा

आईपीएफ होने का अधिक खतरनाक आमतौर पर उन लोगों में ज्यादा होता है, जो स्मोकिंग करते हैं। इसके अलावा, अगर किसी व्यक्ति के परिवार के किसी सदस्य को पहले यह बीमारी रही है या परिवार में इस बीमारी का इतिहास रहा है, तो इस बीमारी की चपेट में आने का खतरा काफी बढ़ जाता है। यह बीमारी कम उम्र की तुलना में बढ़ापे या बढ़ती उम्र के दौरान लोगों को ज्यादा प्रभावित करती है।

इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस (आईपीएफ) के लक्षण - Idiopathic Pulmonary Fibrosis Lung Disease IPF Symtoms In Hindi

आईपीएफ के लक्षण की बात करें तो इसके लक्षण आमतौर पर आम फेफड़ों से जुड़ी बीमारी के समान ही नजर आते हैं। इससे पीड़ित व्यक्ति को कुछ सामान्य लक्षण नोटिस हो सकते हैं जैसे सांस लेने में तकलीफ और खांसी का आना इसका सबसे बड़ा लक्षण है। जैसे-जैसे व्यक्ति की स्थिति गंभीर होती है, तो उसे सांस लेने में परेशानी के साथ और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी हो सकती है।

आमतौर पर इस बीमारी के लक्षण शुरुआत में कुछ लोगों में दिखाई नहीं देते हैं, मगर जैसे-जैसे यह बीमारी बढ़ती जाती है, लक्षण बढ़ने के साथ व्यक्ति की हालत और भी खराब हो सकती है।

यूएस के अस्पताल में भी नहीं इलाज

इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस से पीड़ित उस्ताद जाकिर हुसैन का सैन फ्रांसिस्को में इलाज चल रहा था, जहां स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टर उन्हें बचाने में असफल रहे और उन्होंने दम तोड़ दिया।

आईएएनएस की रिपोर्ट की रिपोर्ट की मानें तो वर्तमान में आईपीएफ का कोई इलाज नहीं है। हालांकि, कुछ उपचार आईपीएफ बढ़ने की दर को धीमा कर सकते हैं और फेफड़ों के फंक्शन में सुधार कर सकते हैं। अच्छी डाइट, नियमित एक्सरसाइज और प्रदूषण से बचाव करके भी रोगी की दिनचर्या में सुधार किया जा सकता है। इन सरल जीवनशैली बदलावों की मदद से आईपीएफ से पीड़ित लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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