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World Liver Day: दिखते हैं हेल्दी, फिर भी क्यों बढ़ रहा है साइलेंट लिवर डिजीज का रिस्क, डॉक्टर से जानिए

World Liver Day: क्या आपने कभी सोचा है कि आजकल फिट दिखने वाले लोगों में भी साइलेंट लिवर डिजीज का खतरा क्यों बढ़ रहा है। बता दें कि खराब लाइफस्टाइल और अनदेखे लक्षण इस समस्या को बढ़ा रहे हैं।

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हेल्दी लोगों में क्यों बढ़ रहा है साइलेंट लिवर डिजीज का रिस्क

World Liver Day: हम में से ज्यादातर लोग यही मान लेते हैं कि अगर हम बाहर से फिट और एक्टिव दिख रहे हैं, तो अंदर से भी सब ठीक ही होगा। लेकिन आज के समय में यही सोच सबसे बड़ी गलती बन रही है। विश्व लिवर दिवस के मौके पर एक्सपर्ट्स भी इस बात को लेकर चेतावनी दे रहे हैं कि लिवर से जुड़ी बीमारियां अब चुपचाप बढ़ रही हैं। आर्टेमिस हॉस्पिटल्स के लिवर रोग विशेषज्ञ और सीनियर कंसल्टेंट डॉ. गिरिराज बोरा (अध्यक्ष – लिवर ट्रांस्प्लांट, जीआई एवं एचपीबी सर्जरी) के अनुसार, आजकल कई ऐसे लोग भी लिवर की बीमारी का शिकार हो रहे हैं, जो देखने में बिल्कुल हेल्दी लगते हैं। यही वजह है कि इसे 'साइलेंट लिवर डिजीज' या इनविजिबल रिस्क कहा जा रहा है।

बिना शराब के भी हो सकता है फैटी लिवर

आजकल सबसे ज्यादा जिस समस्या की बात हो रही है, वह है नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD)। इसमें बिना शराब पिए भी लिवर में फैट जमा होने लगता है। शुरुआत में कोई दर्द या खास दिक्कत नहीं होती, इसलिए लोग इसे सीरियस नहीं लेते। लेकिन धीरे-धीरे यही फैट लिवर को नुकसान पहुंचाने लगता है और स्थिति बिगड़ सकती है।

हमारी रोजमर्रा की आदतें बन रही हैं वजह

अगर ईमानदारी से देखें, तो हमारी लाइफस्टाइल ही इसका सबसे बड़ा कारण है। घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना, बाहर का जंक फूड खाना, नींद पूरी न लेना और हर समय तनाव में रहना - ये सब लिवर पर असर डालते हैं। डॉ. गिरिराज बोरा बताते हैं कि कई बार जो लोग फिट दिखते हैं, उनके शरीर के अंदर मेटाबॉलिक गड़बड़ी जैसे इंसुलिन रेजिस्टेंस चल रहा होता है, जो लिवर के लिए खतरनाक है।

लिवर चुपचाप क्यों खराब होता रहता है?

लिवर हमारे शरीर का ऐसा अंग है, जो काफी मजबूत होता है और खुद को रिपेयर भी करता रहता है। यही वजह है कि अगर इसका एक बड़ा हिस्सा भी खराब हो जाए, तब भी यह काम करता रहता है। इसी कारण शुरुआती स्टेज में बीमारी का पता नहीं चलता और लोग बेखबर रहते हैं।

छोटे संकेत जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं

कई बार शरीर हमें हल्के-हल्के संकेत देता है, जैसे जल्दी थक जाना, पेट भारी लगना या भूख कम लगना। लेकिन हम इसे आम थकान या रोज की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। डॉ. गिरिराज बोरा के अनुसार, यही छोटी लापरवाहियां आगे चलकर बड़ी बीमारी में बदल सकती हैं।

थोड़ा ध्यान रखें तो लिवर रहेगा हेल्दी

अच्छी बात यह है कि थोड़ी सी सावधानी से इस खतरे को काफी हद तक रोका जा सकता है। इसके लिए रोजमर्रा की आदतों में सुधार जरूरी है - जैसे संतुलित खाना खाना, रोज थोड़ा एक्सरसाइज करना, मीठा और प्रोसेस्ड फूड कम करना, पर्याप्त नींद लेना और समय-समय पर लिवर फंक्शन टेस्ट कराना। इससे बीमारी को शुरुआती दौर में ही पकड़ा जा सकता है।

समय पर जांच ही सबसे बड़ा बचाव

डॉक्टरों का कहना है कि अगर सही समय पर इस बीमारी का पता चल जाए, तो इसे कंट्रोल करना और ठीक करना संभव है। इसलिए सिर्फ बाहर से फिट दिखना काफी नहीं है, अंदर से हेल्दी रहना भी उतना ही जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य दिवस हमें यही याद दिलाता है कि अपने शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को नजरअंदाज न करें।

Vineet
विनीत author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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