जैसे किसी भी मशीन को ठीक रखने के लिए जरूरी है कि उसके सभी पार्ट भी अपना काम ठीक से कर सकें। वैसे ही शरीर के सेहतमंद रहने के लिए जरूरी है कि हमारे शरीर का प्रत्येक अंग भी हेल्दी रहे। तो आज हम आपको शरीर के एक खास अंग लिवर के बारे में आपको बताएंगे। जिसकी सेहत का ख्याल रखने और इसके बारे में लोगों को जागरुक करने के लिए World Liver Day हर साल 19 अप्रैल का दिन मनाया जाता है। लिवर हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो हमारी पाचन से लेकर शरीर को डिटॉक्स करने तक कई काम में मदद करता है। आइए हम आपको World Liver Day के इतिहास, महत्व और इसकी थीम के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।
लोगों के बीच लिवर की हेल्थ के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से वर्ष 1996 में European Association for the Study of the Liver (EASL) विश्व लिवर दिवस मनाने की घोषणा की। इसी क्रम में साल 1996 से हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन लिवर के रोगों के बारे में लोगों को जागरूक करने और उनके स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।
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मानव शरीर में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण अंग लिवर है, लेकिन हम इसकी सबसे ज्यादा लेकिन अनदेखी करते हैं। विश्व लिवर दिवस का महत्व इसलिए अधिक है क्योंकि ये आपके लिवर की सेहत पर प्रकाश डालता है। खराब जीवनशैली, गलत खान-पान की आदतें, शराब का सेवन और वायरल संक्रमण के कारण फैटी लिवर, हेपेटाइटिस, सिरोसिस जैसी लिवर की बीमारियों में काफी वृद्धि देखने को मिली है। इसलिए यह दिन लिवर के स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता लाने और महत्व को दिखाना है।
हर साल विश्व लिवर दिवस मनाने के लिए एक अलग थीम का चयन किया जाता है। जिसमें विषय अलग-अलग हो सकते हैं। वहीं साल 2025 के लिए विश्व लिवर दिवस की थीम - 'भोजन ही दवा है' रखी गई है। इस थीम के साथ इस दिन को मनाने का उद्देश्य ऐसे खान पान को बढ़ावा देना है, जो हमारी सेहत के लिए औषधि का काम करता हो। जिससे हमारी लिवर की सेहत का ख्याल रखा जा सके।