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रात का खाना बन सकता है दवा जैसा असरदार, गर्मियों में डायबिटीज कंट्रोल रखने के लिए अपनाएं ये 5 आयुर्वेदिक डिनर

Diabetes Friendly Ayurvedic Dinner: क्या रात का खाना आपके ब्लड शुगर को भी प्रभावित करता है? आयुर्वेदिक के अनुसार गर्मियों में हल्का और सही डिनर डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। जानिए 5 ऐसे आयुर्वेदिक डिनर विकल्प, जो पाचन को बेहतर बनाने, ब्लड शुगर को स्थिर रखने और अच्छी नींद दिलाने में मददगार हो सकते हैं।

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डायटिबीज के मरीजों के लिए 5 बेस्ट डिनर के विकल्प

Diabetes Friendly Ayurvedic Dinner: आपने देखा होगा कि डायबिटीज होने पर लोग अक्सर मीठा कम करने, दवा समय पर लेने और सुबह की डाइट पर ज्यादा ध्यान देते हैं। लेकिन एक ऐसी चीज भी है जो आपके ब्लड शुगर पर बड़ा असर डाल सकती है और ज्यादातर लोग उसे नजरअंदाज कर देते हैं। यह चीज है आपका रात का खाना यानी डिनर। हेल्थ इंफ्लुएंसर और आयुर्वेदिक डॉक्टर डॉ. नील सावलिया के मुताबिक, आयुर्वेद में रात का भोजन दिन का सबसे हल्का भोजन माना जाता है।

अगर रात में बहुत ज्यादा या भारी खाना खा लिया जाए तो पेट को उसे पचाने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे रात में बेचैनी, पेट फूलना, नींद खराब होना और सुबह उठते ही कुछ खाने की तेज इच्छा जैसी परेशानियां हो सकती हैं। गर्मियों में इस तरह की समस्याएं और बढ़ सकती है। इसलिए डॉ. ऐसे हल्के और आसानी से पचने वाले डिनर की सलाह देते हैं, जो पेट को आराम दें और ब्लड शुगर को संभालकर रखने में मदद करें।

1. फॉक्सटेल मिलेट और मूंग दाल की खिचड़ी

अगर आप ऐसा डिनर चाहते हैं जो पेट भर दे लेकिन भारी न लगे, तो फॉक्सटेल मिलेट और मूंग दाल की खिचड़ी अच्छा विकल्प हो सकती है। इसमें जीरा, अदरक, हल्दी और थोड़ा सा घी डाला जाता है।

यह खिचड़ी पेट पर ज्यादा बोझ नहीं डालती और रात में आराम महसूस कराती है। साथ ही देर रात कुछ खाने की इच्छा भी कम हो सकती है। गर्मियों में यह एक सादा लेकिन सेहतमंद डिनर माना जाता है।

2. जौ और मूंग का हल्का बाउल

जौ यानी बार्ली और मूंग दाल का मेल भी डायबिटीज वाले लोगों के लिए अच्छा माना जाता है। इसमें दालचीनी, जीरा और धनिया जैसे मसाले स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ पाचन को भी बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

अगर आपको रात में खाना खाने के बाद पेट भारी लगने या गैस बनने की शिकायत रहती है, तो यह डिनर आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे खाने के बाद पेट हल्का महसूस होता है और नींद भी आरामदायक आ सकती है।

3. लौकी और लिटिल मिलेट का बाउल

गर्मियों में लौकी को सबसे फायदेमंद सब्जियों में गिना जाता है। यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पेट के लिए भी हल्की होती है।

डॉ. नील सावलिया के अनुसार लिटिल मिलेट, लौकी, पुदीना, हल्दी, नारियल के दूध और काली मिर्च से तैयार यह डिनर गर्मियों की रातों के लिए बेहतरीन विकल्प है। यह न सिर्फ हल्का होता है, बल्कि खाने के बाद सुस्ती भी महसूस नहीं होने देता।

4. ज्वार का वेजिटेबल उपमा

बहुत से लोगों को रात में कुछ गरम और स्वादिष्ट खाने का मन करता है। ऐसे में ज्वार से बना वेजिटेबल उपमा एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

इसमें सब्जियां, करी पत्ता, राई, हींग और तिल का तेल डाला जाता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हल्का भी होता है। इसे खाने के बाद पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे रात में बार-बार कुछ खाने की इच्छा कम हो सकती है।

5. रागी और सब्जियों का सूप बाउल

अगर आपको शाम या रात में हल्की भूख लगती है, लेकिन भारी खाना नहीं खाना चाहते, तो रागी और सब्जियों से बना सूप बाउल आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है।

रागी, लौकी, गाजर, सौंफ और धनिया से तैयार यह सूप शरीर को जरूरी पोषण देता है और आसानी से पच भी जाता है। खासकर उन लोगों के लिए यह बेहतर है जो रात में हल्का खाना पसंद करते हैं।

क्या खाने से ज्यादा जरूरी कब खाएं

डॉ. नील सावलिया कहते हैं कि अच्छी सेहत के लिए सिर्फ सही खाना चुनना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे सही समय पर खाना भी उतना ही जरूरी है। कोशिश करें कि रात का खाना बहुत देर से न खाएं और मात्रा भी जरूरत के अनुसार रखें।

आयुर्वेद मानता है कि गर्म, ताजा और हल्का भोजन शरीर को ज्यादा फायदा पहुंचाता है। ऐसे में अगर आप डायबिटीज को बेहतर तरीके से संभालना चाहते हैं, तो गर्मियों में इन हल्के आयुर्वेदिक डिनर विकल्पों को अपनी थाली में जगह दे सकते हैं। छोटी-छोटी अच्छी आदतें ही लंबे समय में बड़ी सेहत का आधार बनती हैं।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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