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वर्क फ्रॉम होम आपकी रीढ़ को कर रहा कमजोर, जानें कैसे बढ़ रहा है स्पाइनल डैमेज का खतरा

  • Authored by: Vineet
  • Updated Dec 6, 2025, 02:34 PM IST

वर्क फ्रॉम होम करते हुए क्या आपकी कमर या पीठ जल्दी थक जाती है? लगातार लैपटॉप पर झुककर बैठने की आदत आपकी रीढ़ की हड्डी को कमजोर कर सकती है। नई रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक गलत पोस्चर, बिना ब्रेक काम करना और सीमित मूवमेंट स्पाइनल डैमेज का खतरा बढ़ा रहे हैं। जानें घर से काम करते समय कौन-कौन सी गलतियां आपकी रीढ़ पर सबसे ज्यादा दबाव डाल रही हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।

वर्क फ्रॉम होम के नुकसान

वर्क फ्रॉम होम के नुकसान

कोविड-19 महामारी के दौरान 2020 में भारत में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को अपनाया गया। अब, तीन साल बाद, हम एक स्वास्थ्य संकट का सामना कर रहे हैं, जो हमारी रीढ़ की सेहत को खतरे में डाल रहा है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठना और गलत पोश्चर अपनाना हमारी रीढ़ के लिए हानिकारक साबित हो रहा है। आइए जानते हैं कि कैसे यह समस्या बढ़ रही है और इसे कैसे रोका जा सकता है।

माइक्रो-इंजरी का बढ़ता खतरा

वर्क फ्रॉम होम की वजह से लोग अक्सर सोफे, बिस्तर या डाइनिंग टेबल पर काम कर रहे हैं। यह असुविधाजनक स्थिति रीढ़ की हड्डियों पर दबाव डालती है और माइक्रो-इंजरी का कारण बनती है। ये छोटे-छोटे तनाव धीरे-धीरे गंभीर दर्द में बदल सकते हैं, जिसे नजरअंदाज करना आसान है।

पोश्चर का ध्यान रखना

अधिकतर लोग काम करते समय सही पोश्चर को नजरअंदाज करते हैं। हंचिंग और लंबी अवधि तक एक ही स्थिति में बैठना रीढ़ की समस्याओं को बढ़ा सकता है। सही कुर्सी का चयन और नियमित रूप से खड़े होना महत्वपूर्ण है।

प्रारंभिक लक्षणों की अनदेखी

कई लोग प्रारंभिक लक्षणों जैसे गर्दन या पीठ में दर्द को हल्के में लेते हैं। एक सख्त गर्दन या पीठ के दर्द को नींद की कमी से जोड़ दिया जाता है। जब दर्द बढ़ जाता है, तब ही लोग डॉक्टर से संपर्क करते हैं, जिससे उपचार मुश्किल हो जाता है।

दीर्घकालिक प्रभाव

इस प्रकार के दर्द केवल शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करते, बल्कि कार्यक्षमता और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को भी कम करते हैं। भारत में, जहां ज्ञान आधारित कार्यबल है, यह समस्या दीर्घकालिक आर्थिक जोखिम पैदा कर सकती है।

सुरक्षा के उपाय

डॉक्टरों का सुझाव है कि नियमित रूप से छोटे ब्रेक लेना और वर्चुअल वर्कप्लेस असेसमेंट कराना आवश्यक है। साथ ही, कंपनियों को कार्यस्थल पर स्वास्थ्य के मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए ताकि इस संकट को समय रहते रोका जा सके।

वर्क फ्रॉम होम के कारण रीढ़ की सेहत पर खतरा बढ़ रहा है। यदि हम अपने पोश्चर और कार्यक्षेत्र का ध्यान नहीं रखेंगे, तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है। सही सावधानियों और जानकारी से हम अपनी रीढ़ को सुरक्षित रख सकते हैं।

Vineet
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विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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