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World Blood Donor Day: हर साल 14 जून को क्यों मनाया जाता है विश्व रक्तदाता दिवस, क्या है इतिहास? जानें इसका महत्व और थीम

World Blood Donor Day 2024: रक्त हमारे शरीर में बहुत अहम भूमिका निभाता है। शारीरिक स्वास्थ्य के अलावा यह लोगों की मृत्यु के जोखिम से बाहर निकालने में भी भूमिका निभाता है। इसलिए रक्तदान के महत्व का समझाने और इसके प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है।

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World Blood Donor Day 2024

World Blood Donor Day 2024: रक्त की आवश्यकता को लेकर लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है। रक्त का मानव शरीर के लिए बहुत आवश्यक होता है। अगर शरीर में रक्त की कमी हो जाती है तो इसकी कमी से शरीर में कई रोग पैदा हो सकते हैं। कई बार लोग किसी दुर्घटना की वजह से चोटिल हो जाते हैं और उनके शरीर से काफी रक्त बह जाता है, वहीं कुछ मामलों में अस्पताल में सर्जरी के दौरान भी काफी रक्त शरीर से बह जाता है, ऐसे में व्यक्ति को बाहरी रूप से रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है। लेकिन अस्पताल व ब्लड बैंकों में खून की कमी के चलते कई बार लोगों को समय रहते रक्त नहीं मिल पाता है और उनकी मृत्यु हो जाती है। इसलिए रक्तदान करने को महादान कहा जाता है। लोगों के बीच रक्तदान के महत्व को समझाने और इसके प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है।

विश्व रक्तदाता दिवस का महत्व - World Blood Donor Day Significance In Hindi

विश्व भर में लोग रोज करोड़ों लोग बीमार पड़ते हैं। वहीं, लाखों कई तरह की दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। ऐसे लोगों रक्त की आवश्यकता होने उनके लिए तुरंत रक्त उपलब्ध कराया जा सके, इसके लिए अस्पताल व ब्लड बैंकों में रक्त के भंडार भरना बहुत आवश्यक है। इसके लिए लोगों में रक्तदान को लेकर जागरूकता लाना बहुत जरूरी है, जिससे कि लोग रक्तदान करें और जरूरतमंदों के लिए रक्त उपलब्ध हो सके। रक्तदान करना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है और इससे स्वास्थ्य को कोई हानि नहीं हानि नहीं पहुंचती है। रक्तदान करने से लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है। इस उद्देश्य के साथ विश्व रक्तदाता दिवस पर लोगों को रक्तदान का महत्व समझाने का प्रयास किया जाता है।

विश्व रक्तदाता दिवस का इतिहास - World Blood Donor Day History In Hindi

विश्व रक्तदाता दिवस की शुरुआत वर्ष 2004 में हुई थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 14 जून को रक्तदान दिवस के रूप में घोषित किया गया था। तब से आजतर हर साल 14 जून को यह दिवस मनाया जाता है। इस कार्यक्रम की शुरुआत सुरक्षित रक्त रक्त उत्पादों की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य के साथ की गई थी। साथ ही, इसका उद्देश्य लोगों को रक्तदान के महत्व को समझाना और रक्तदान के लिए प्रोत्साहित करना था।

विश्व रक्तदाता दिवस 2024 की थीम - World Blood Donor Day 2024 Theme In Hindi

हर साल लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्व रक्तदाता दिवस का विषय अलग-अलग चुना जाता है। इस साल विश्व रक्तदाता दिवस की थीम इस दिन को स्वीकार करने के 20 साल पूरे होने का प्रतीक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और दुनिया भर के अन्य संगठन इस थीम के पीछे एकजुट हुए: दान का जश्न मनाने के 20 साल: धन्यवाद रक्तदाता!

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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