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भारतीय कंपनी से मिलना था गोला-बारूद, लेकिन हुआ 769 करोड़ का खरीद घोटाला! एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हन्नो पेवकुर का इस्तीफा

Hanno Pevkur Resignation Indian Firm: यूक्रेन को हथियार आपूर्ति से जुड़े 70 मिलियन यूरो (₹768.5 करोड़) के खरीद घोटाले में एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हन्नो पेवकुर ने इस्तीफा दे दिया है।

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भारतीय कंपनी से मिलना था गोला-बारूद, लेकिन हुआ 769 करोड़ का खरीद घोटाला! एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हन्नो पेवकुर का इस्तीफा

Estonia Defence Minister Resigns: यूक्रेन को सैन्य सहायता प्रदान करने के लिए किए गए 70 मिलियन यूरो (लगभग ₹768.50 करोड़) के गोला-बारूद सौदे में बड़े पैमाने पर अनियमितता और घटिया आपूर्ति के आरोप सामने आने के बाद एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हन्नो पेवकुर (Hanno Pevkur) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

यह पूरा खरीद घोटाला एक भारतीय स्वामित्व वाली कंपनी से जुड़ा हुआ है, जिसे पहले कभी तोपखाने के गोले बेचने का कोई अनुभव नहीं था। नेशनल ऑडिट ऑफिस की ओर से रक्षा मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जाने के बाद पेवकुर ने नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की घोषणा की।

क्या है ₹769 करोड़ का एस्तोनिया-भारत रक्षा सौदा विवाद?

वर्ष 2022 से एस्टोनिया के रक्षा मंत्री का पद संभाल रहे हन्नो पेवकुर के कार्यकाल में यह सौदा वर्ष 2024 में हुआ था:

समझौता और एडवांस भुगतान: एस्टोनिया के 'सेंटर फॉर डिफेंस इन्वेस्टमेंट्स' (RKIK) ने इटली में पंजीकृत कंपनी डेटासेल एसआरएल (Datasel SRL) के साथ अनुबंध किया था, जिसे उसी वर्ष भारतीय कंपनी नेको डिफेंस मुनिशन ने अधिग्रहित किया था।

यूरोपीय संघ का फंड: एस्टोनिया ने इस खरीद के लिए यूरोपीय संघ (EU) के 'यूरोपीय पीस फैसिलिटी' से धनराशि का उपयोग किया और कंपनी को लगभग 70 मिलियन यूरो (₹769 करोड़) का अग्रिम भुगतान कर दिया।

सप्लाई में देरी और खराब गुणवत्ता: समझौते के तहत तोपखाने के गोले कुछ ही महीनों में यूक्रेन भेजे जाने थे। हालांकि, उत्पादन संबंधी समस्याओं के कारण डिलीवरी में बार-बार देरी हुई। वर्ष 2025 में जब अंततः कुछ गोला-बारूद प्राप्त हुआ, तो वह निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरा।

कंपनी का दावा और अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता

विवाद बढ़ने पर एस्टोनियाई एजेंसी RKIK ने अनुबंध रद्द कर दिए और एडवांस में दी गई पूरी रकम वापस मांगी। एस्टोनिया इस मामले को फ्रांस के स्ट्रासबर्ग स्थित 'यूरोपीय मध्यस्थता एवं मध्यस्थता केंद्र' ले गया है।

डेटासेल का पक्ष: डेटासेल कंपनी ने आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि उसने 59 मिलियन यूरो की सामग्री सप्लाई की थी और नुकसान एस्टोनियाई एजेंसी की वजह से हुआ है। कंपनी ने कहा कि RKIK का अनुबंध रद्द करने का फैसला विरोधाभासी और अतार्किक है।

एजेंसी का बयान: सेंटर फॉर डिफेंस इन्वेस्टमेंट्स के महानिदेशक एलमार वाहेर ने स्वीकार किया कि यह सौदा शुरू में ही नहीं होना चाहिए था। उन्होंने कहा, 'यदि मैं घर बनाने के लिए किसी ऐसी कंपनी को काम देता हूं जिसने पहले कभी घर नहीं बनाया, तो इस बात का संदेह हमेशा रहेगा कि काम पूरा नहीं होगा।'

नेशनल ऑडिट ऑफिस की रिपोर्ट और राजनीतिक जिम्मेदारी

एस्टोनिया के 'नेशनल ऑडिट ऑफिस' ने 28 अगस्त को जारी अपनी रिपोर्ट में रक्षा मंत्रालय द्वारा फंड के प्रबंधन और सैन्य खरीद में गंभीर खामियां उजागर कीं। चेतावनी दी गई कि यदि ईयू फंडिंग की वसूली नहीं हो पाती है, तो एस्टोनिया को अपने सरकारी खजाने से 70 मिलियन यूरो का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

इस्तीफे की घोषणा करते हुए हन्नो पेवकुर ने कहा, 'एस्टोनिया की सुरक्षा किसी एक व्यक्ति का प्रोजेक्ट नहीं है। हालांकि रक्षा मंत्री व्यक्तिगत रूप से हर अनुबंध की गिनती नहीं करता, लेकिन ऑडिट रिपोर्ट के निष्कर्ष राजनीतिक जिम्मेदारी का सवाल खड़ा करते हैं। इसीलिए मैं रक्षा क्षेत्र की संपूर्ण जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे रहा हूं।'

एस्टोनिया के प्रधानमंत्री क्रिस्टन माइकल ने स्वीकार किया कि मंत्री की व्यक्तिगत गलती न होने के बावजूद यह निर्णय राजनीतिक जवाबदेही तय करने के लिए आवश्यक था। उत्तर-पूर्वी यूरोप का यह छोटा बाल्टिक देश नाटो (NATO) और ईयू का सदस्य है तथा रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन का प्रमुख समर्थक रहा है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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