हेल्थ

व्रत में फलाहार ही सबसे ज्यादा बीमार क्यों करता है, कैसे बढ़ा देता है गैस-एसिडिटी, जानिए कहां हो रही गलती

Why Falahar Diet Make You Sick: व्रत के दौरान फलाहार को हेल्दी माना जाता है, लेकिन कई लोग इसी वजह से गैस, एसिडिटी और पेट दर्द से परेशान हो जाते हैं। आखिर गलती कहां हो रही है? जानिए वैज्ञानिक आधार पर कि व्रत में ज्यादा तला-भुना, खाली पेट चाय या जरूरत से ज्यादा फल कैसे आपकी सेहत बिगाड़ सकते हैं। सही तरीके से फलाहार करने के आसान टिप्स भी पढ़ें।

फलाहार कैसे बीमार बना रहा है

फलाहार कैसे बीमार बना रहा है (PC- Pinterest)

Why Falahar Diet Make You Sick: व्रत का नाम सुनते ही दिमाग में एक साफ और हल्की डाइट की तस्वीर आती है। हमें लगता है कि फलाहार तो हेल्दी ही होगा, इससे शरीर को आराम मिलेगा। लेकिन सच ये है कि कई लोग व्रत के दिन सबसे ज्यादा पेट की दिक्कतों से जूझते हैं—गैस, एसिडिटी, पेट दर्द और भारीपन। सवाल ये है कि जब हम अनाज नहीं खा रहे, सिर्फ फल और व्रत का खाना ले रहे हैं, तो फिर दिक्कत क्यों हो रही है? दरअसल समस्या फलाहार में नहीं, बल्कि उसे खाने के तरीके और मात्रा में छिपी है। आइए समझते हैं कहां गलती हो रही है।

ज्यादा तला-भुना बन रहा है परेशानी

व्रत में साबूदाना खिचड़ी, कुट्टू की पूरी, सिंघाड़े के पकोड़े और आलू की चिप्स खूब खाई जाती हैं। नाम भले ही फलाहार हो, लेकिन असल में ये काफी तली-भुनी चीजें होती हैं। ज्यादा तेल में बना खाना पचने में समय लेता है और पेट में एसिड ज्यादा बनाता है। यही वजह है कि व्रत के दिन गैस और सीने में जलन की शिकायत बढ़ जाती है।

खाली पेट चाय-कॉफी पीना भी है बड़ी गलती

कई लोग व्रत में सुबह से कुछ नहीं खाते, लेकिन चाय या कॉफी जरूर पी लेते हैं। खाली पेट चाय लेने से पेट में एसिड का स्तर बढ़ जाता है। अगर पहले से गैस या एसिडिटी की दिक्कत है, तो ये और ज्यादा बढ़ सकती है। डॉक्टर भी मानते हैं कि खाली पेट कैफीन लेने से एसिडिटी की संभावना ज्यादा रहती है।

जरूरत से ज्यादा फल भी कर सकते हैं नुकसान

फल हेल्दी हैं, लेकिन एक साथ बहुत ज्यादा फल खाना सही नहीं है। कुछ फल जैसे संतरा, अनानास या अमरूद अम्लीय होते हैं, जो पेट में एसिड बढ़ा सकते हैं। ऊपर से अगर दिनभर कुछ ठोस नहीं खाया और सिर्फ फल खाते रहे, तो ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव और गैस दोनों की समस्या हो सकती है।

लंबे समय तक भूखे रहना बढ़ाता है एसिडिटी

जब हम कई घंटों तक कुछ नहीं खाते, तो पेट खाली होने के बावजूद एसिड बनता रहता है। ये एसिड अगर खाने से न्यूट्रल न हो, तो सीने में जलन और पेट दर्द होने लगता है। व्रत में अक्सर लोग सुबह से शाम तक कुछ नहीं खाते, जिससे यह दिक्कत बढ़ जाती है।

पानी कम पीना भी बिगाड़ देता है खेल

व्रत में कई लोग पानी भी कम पीते हैं, खासकर अगर निर्जला व्रत न हो तो भी पानी की मात्रा घटा देते हैं। शरीर में पानी की कमी से पाचन धीमा हो जाता है और गैस बनने लगती है। पर्याप्त पानी पीना पाचन को संतुलित रखने में मदद करता है।

सही तरीका क्या है?

अगर व्रत रखना है तो हल्का और संतुलित फलाहार लें। तला-भुना कम करें, एक साथ बहुत ज्यादा न खाएं और लंबे समय तक खाली पेट न रहें। थोड़ी-थोड़ी मात्रा में नारियल पानी, दही, मूंगफली या उबला आलू लिया जा सकता है। चाय खाली पेट न लें और पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं।

याद रखिए, व्रत शरीर को आराम देने के लिए है, उसे तकलीफ देने के लिए नहीं। थोड़ी सी समझदारी से आप गैस-एसिडिटी जैसी दिक्कतों से बच सकते हैं और व्रत को सच में हेल्दी बना सकते हैं।

विनीत
विनीत author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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