क्या आपको भी लगता है कि सर्दियों में आपको ज्यादा नींद आती है और खतरनाक सपने भी? शायद आपको सही लगता है। मौसम का हमारे नींद पर प्रभाव पड़ता है और सर्दियों में सपने और नींद दोनों बढ़ जाते हैं, ये हम नहीं कह रहे एक जर्मन स्टडी कहती है। ये बताती है कि सर्दियों में नींद का पैटर्न और रैपिड आई मूवमेंट (REM) बदल जाता है। REM फेज के दौरान आंखें तेजी से हिलती हैं जिससे ये पता चलता है कि व्यक्ति सपने देख रहा है। आइए जानते हैं इस रिसर्च में क्या है।
क्या कहती है रिसर्च
फ्रंटियर इन न्यूरोसाइंस में प्रकाशित एक स्टडी में पाया गया है कि गर्मियों की तुलना में सर्दियों के दौरान REM नींद औसतन 30 मिनट बढ़ जाती है। यह रिसर्च ये बताता है कि मौसम का बदलाव हमारी नींद को कैसे प्रभावित करता है, खासकर REM फेज को बढ़ाकर, जो कि हमारी नींद के दौरान सपनों से सबसे अधिक जुड़ा हुआ चरण है। लंबे REM फेज के कारण अजीब और याद रहने वाले सपने आते हैं।
क्यों आते हैं डरावने सपने
सर्दियों में छोटे दिनों और कम धूप होने के कारण है। हमारा शरीर अधिक मेलाटोनिन का उत्पादन करना शुरू कर देता है। यह हार्मोन हमारी नींद को कंट्रोल करता है। मेलाटोनिन बढ़ने से गहरी नींद आती है, जिस कारण REM साइकिल लंबे हो जाते हैं, यानी सबसे अधिक सपने आने का समय बढ़ जाता है। लंबे REM फेज की वजह से सपने याद भी ज्यादा रहते हैं और डरावने सपने याद रखने की संभावना बढ़ जाती है।
गूगल भी देता है सबूत
गूगल सर्च ट्रेंड बताता है कि ठंड के मौसम में लोग अपने सपनों के अर्थ जानने के लिए ज्यादा सर्च करते हैं। रिपोर्ट में सर्दियों के महीनों में आने वाले सपनों से जुड़े करीब 3 लाख गूगल सर्च का विश्लेषण किया गया। जिससे यह बात साफ हुई कि ठंड के मौसम में सपनों, खासतौर पर डरावने सपनों की संख्या बढ़ जाती है।
डरावने सपनों को कैसे रोकें
आपको भी अगर रात में बहुत अधिक सपने आते हैं या डरावने सपने आते हैं तो इन तरीकों को अपनाकर आप अपनी नींद बेहतर कर सकते हैं।
- सोने का शेड्यूल बनाएं: हर दिन एक ही समय पर सोने और जागने का प्रयास करें और पर्याप्त नींद लें ताकि आपको दिन में अलग से सोना न पड़े।
- कुछ चीज से परहेज करें: कैफीन, शराब और सिगरेट का सेवन बंद कर दें, खासकर शाम के समय।
- सोने से पहले आराम करें: योग करके, ध्यान लगाकर या संगीत सुनकर खुद को रिलैक्स करें।
- डॉक्टर की मदद लें: यदि बुरे सपने लगातार आपकी नींद में बाधा डाल रहे हैं, तो आप किसी मनोवैज्ञानिक से परामर्श ले सकते हैं।
