हेल्थ

Mpox के प्रभावी निदान के लिए WHO ने निर्मताओं से किया आग्रह, क्लीनिकल सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए उपलब्ध कराएं परीक्षण का डाटा

WHO Urges Rapid Access To Mpox Diagnostic Tests: वायरस की रोकथाम के लिए डब्ल्यूएचओ की ओर से भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब संगठन ने एमपॉक्स इन विट्रो डायग्नोस्टिक्स (IVDs) के निर्माताओं को आपातकालीन उपयोग सूची (EUL) के लिए रुचि की अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने करने के लिए कहा है।

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WHO Urges Rapid Access To Mpox Diagnostic Tests

WHO Urges Rapid Access To Mpox Diagnostic Tests: दुनिया भर में मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों की वजह से चिंता की स्थिति बनी हुई है। हाल ही में भारत में भी वायरस के मामले सामने आए हैं, जिससे देश में काफी डर का माहौल बना हुआ है। इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वायरस की गंभीरता को देखते हुए इसे वैश्विक स्तर पर पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी भी घोषित किया था। वायरस के नए वेरिएंट काफी तेजी से फैल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के निकटतम संपर्क में आने से फैलता है। इसलिए इसको लेकर सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। वायरस की रोकथाम के लिए डब्ल्यूएचओ की ओर से भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब संगठन ने एमपॉक्स इन विट्रो डायग्नोस्टिक्स (IVDs) के निर्माताओं को आपातकालीन उपयोग सूची (EUL) के लिए रुचि की अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने करने के लिए कहा है।

निर्माताओं से किया अनुरोध

डब्ल्यूएचओ वायरस के प्रभावी निदान की आवश्यकता को लेकर निर्माताओं के साथ लगातार चर्चा कर रहा है। खासकर ऐसे क्षेत्रों में जहां कम आय वाले लोग रहते हैं। संगठन द्वारा निर्माताओं से यह अनुरोध किया गया है कि वे ईयूएल में रुचि की अभिव्यक्ति के लिए आगे आएं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने निर्माताओं से अपने उत्पादों को आपातकालीन समीक्षा के लिए प्रस्तुत करने के साथ-साथ एमपॉक्स के लिए नैदानिक परीक्षणों तक पहुंच में तेजी लाने की मांग की है। संगठन की ओर से कम आय वाले समूहों में प्रभावी निदान की आवश्यकता को लेकर निर्माताओं से चर्चा की जा रही है।

ईयूएल सूची के लिए मांगे आवेदन

डब्ल्यूएचओ ने नैदानिक सेवाओं तक पहुंच का तेजी विस्तार करने के लिए निर्माताओं से आपातकालीन उपयोग सूची के लिए आवेदन मांगे हैं। जिसके बाद संगठन वायरस के टीके, परीक्षण और उपचार जैसे चिकित्सा उत्पादों को मंजूरी देने की अनुमति देगा इस प्रक्रिया का उद्देश्य देशों को संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और अन्य भागीदारों के माध्यम से परीक्षण जैसे गंभीर रूप से आवश्यक उत्पादों की खरीद में सहायता करना है।

बढ़ रही आवश्यकता

संगठन का कहना है कि नैदानिक परीक्षणों की आवश्यकता तेजी से बढ़ रही है। आपको बता दें कि अकेले कांगों में बीते सप्ताह एक हजार से अधिक मामले सामने आने की खबर है। ऐसे में परीक्षणों का आवश्यकता नाटकीय रूप से बढ़ी है। रिपोर्ट्स की मानें तो आने वाले हफ्तों में अफ्रीकी देशों को 30,000 परीक्षण और उपलब्ध कराए जाएंगे।

WHO ने इन-विट्रो डायग्नोस्टिक के निर्माताओं से परीक्षणों की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रदर्शन पर उपलब्ध डेटा जल्द से जल्द उपलब्ध कराने के लिए कहा है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीत author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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