शहर

राम मंदिर चंदा चोरी मामले में जांच तेज, आरोपियों के रिश्तेदारों समेत 50 से ज्यादा बैंक खातों की जांच में जुटी पुलिस

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले की जांच अब वित्तीय लेन-देन तक पहुंच गई है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों और उनके रिश्तेदारों के 50 से अधिक बैंक खातों की पड़ताल कर यह पता लगाने में जुटी है कि हड़पी गई राशि का इस्तेमाल संपत्ति खरीदने या निर्माण कार्यों में तो नहीं हुआ। जांच के दायरे के बढ़ने के साथ इस मामले में आगे और बड़ी कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।

Image

राम मंदिर चढ़ावा मामले में बढ़ा जांच का दायरा

Photo : PTI

Ram Mandir: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में एक नया अपडेट सामने आया है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों के रिश्तेदारों के बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को जानकारी दी कि जांचकर्ता चोरी के रुपयों के लेन-देन का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, जांच एजेंसियों ने गिरफ्तार आरोपियों के रिश्तेदारों और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े अन्य लोगों के 50 से ज्यादा बैंक खातों की पहचान की है। पुलिस टीमें बैंक लेनदेन, हाल के निवेश और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी किए गए रुपयों का इस्तेमाल संपत्ति खरीदने या निर्माण कार्यों में तो नहीं किया गया।

क्या है पुलिस जांच का मुख्य उद्देश्य?

सूत्रों ने बताया कि जांच का मुख्य उद्देश्य गबन, संपत्ति की खरीद और निर्माण गतिविधियों के बीच धन के लेन-देन को स्थापित करना है। सूत्रों के मुताबिक, अगर यह साफ हो जाता है तो अपराध से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए मजबूत आधार तैयार होगा, जिसमें ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है। हालांकि, मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा समेत अन्य आरोपियों से जुड़ी संपत्तियों के खिलाफ किसी संभावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर शुक्रवार तक कोई आधिकारिक स्पष्टता नहीं थी।

मकानों का निर्माण करा रहे थे आरोपी

सूत्रों के मुताबिक, जांचकर्ता आरोपियों और उनके रिश्तेदारों द्वारा हाल में खरीदी गई अचल संपत्तियों की भी जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुछ आरोपियों ने हाल में जमीन खरीदी थी और मकानों का निर्माण करा रहे थे। इन निवेशों के लिए मंदिर की दान राशि का इस्तेमाल किया गया या नहीं, पुलिस फिलहाल इस बात की पुष्टी कर रही है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस आगे की पूछताछ के लिए दो अन्य आरोपियों की भी हिरासत मांग सकती है।

किनसे-किनसे की गई पूछताछ?

इससे पहले अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे की पुलिस रिमांड लेकर उनसे गबन, नकदी के निपटान और अन्य संदिग्धों की भूमिका के संबंध में पूछताछ की गई थी। इस बीच, राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को अयोध्या का दौरा किया और हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा की। सूत्रों ने बताया कि वह राम मंदिर परिसर में जारी निर्माण कार्यों की समीक्षा के लिए अयोध्या पहुंचे थे। सोमवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक के बाद यह उनका पहला दौरा था।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदी author

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अप... और देखें

End of Article