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World Vitiligo Day 2024: सफेद दाग (विटिलिगो) की शुरुआत में शरीर देता है ये संकेत, बॉडी में दिखने लगें ये बदलाव तो हो जाएं सावधान

Early symptoms of Vitiligo: सफेद दाग की समस्या से जागरूक करने के लिए 25 जून को दुनिया भर में World Vitiligo Day के मनाया जाता है। विटिलिगो एक क्रोनिक ऑटोइम्यून रोग है, जिसका असर हमारी त्वचा पर देखने को मिलता है। आइए जानते हैं कुछ संकेत जो विटिलिगो की शुरुआत में दिखाई देते हैं।

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Early Symptoms of Vitiligo

Photo : iStock

World Vitiligo Day 2024: विटिलिगो या सफेद दाग ऐसी समस्या है जिसे लेकर हमारे समाज में तरह-तरह की धारणाएं देखने को मिलती हैं। बहुत से लोग इसे छुआ-छूत की बीमारी मानते हैं, तो कुछ लोग इसे पूर्व जन्म से भी जोड़कर देखते हैं। इन सभी भ्रांतियों से समाज को जागरूक करने के लिए 25 जून का दिन दुनिया भर में World Vitiligo Day के रूप में मनाया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विटिलिगो एक क्रोनिक ऑटोइम्यून रोग है, जिसका असर हमारी त्वचा पर देखने को मिलता है। इस रोग की शुरुआत हाथ-पैरों से होकर पूरे शरीर में फैल सकती है। आइए जानते हैं इसके कुछ शुरुआती संकेत जिन्हें पहचान कर आप इसकी गंभीरता को कम कर सकते हैं।

क्या है विटिलिगो रोग? (What is Vitiligo?)

विटिलिगो एक क्रोनिक ऑटोइम्यून रोग है, जिसका असर हमारी त्वचा पर देखने को मिलता है। इसके चलते हमारे शरीर की एंटीबॉडी हमारी त्वचा की मेलानोसाइट्स को नष्ट करने लगती है। जिससे हमारी स्किन पर सफेद-भूरे रंग के पैच दिखाई देने लगते हैं।

विटिलिगो के शुरुआती लक्षण (Early Symptoms of Vitiligo)

  1. विटिलिगो की शुरुआत में त्वचा अपना असली रंग खोने लगती है।
  2. आमतौर पर इसकी शुरुआत नाक, मुंह और आंखों के ऊपरी हिस्सों में देखने को मिलती है।
  3. इसकी शुरुआत में हमारे सिर, भौं और दाढ़ी के कुछ बालों का सफेद दिखाई देने लगते हैं।
  4. इसके अलावा इसकी शुरुआत आपकी नाक और मुंह के अंदर भी हो सकती है।

वंशानुगत भी फैल सकता है रोग

इस बीमारी में हमारी एंटीबॉडी मेलानोसाइट्स पर हमला करके उन्हें नष्ट करने लगती है। जिसके चलते यह हमारे जीन को भी प्रभावित करती है। यही कारण है कि यदि माता-पिता में से किसी को विटिलिगो की समस्या है, तो संभावना है कि उनके बच्चों में इसके लक्षण दिख सकते हैं।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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