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वेट लॉस के लिए पॉपुलर हो रही 'SADI-S' सर्जरी, 80% तक बॉडी फैट कम कर रहे लोग, जानिए क्या है वजन घटाने का ये फॉर्मूला

Sadi-S Weight Loss Surgery In Hindi: अगर आप मोटापे से परेशान हैं और बाकी सभी उपाय असफल हो चुके हैं, तो SADI-S सर्जरी एक नया रास्ता दिखा सकती है। यह न केवल वजन घटाने में मदद करती है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों से भी राहत दिला सकती है। फिलहाल इसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं। आज हम आपको बताएंगे आखिर क्या वेट लॉस का ये नया तरीका।

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Sadi-S Weight Loss Surgery In Hindi

Sadi-S Weight Loss Surgery In Hindi: आजकल वजन घटाना बहुत से लोगों के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। जब डाइटिंग, एक्सरसाइज और दवाइयां भी काम नहीं करतीं, तब लोग सर्जरी जैसे विकल्प की तरफ देखते हैं। हाल के दिनों में 'SADI-S' नाम की एक वजन घटाने वाली सर्जरी खूब चर्चा में है। अमेरिका की एक प्लस-साइज इन्फ्लुएंसर ने इस सर्जरी के जरिए एक साल में 63 किलो वजन घटाया और सोशल मीडिया पर अपनी जर्नी शेयर की, जिसके बाद से यह प्रक्रिया लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। कहा जा रहा है कि इससे लोग अपने शरीर का 80% तक फैट कम करने में सफल हो रहे हैं। आइए जानते हैं कि आखिर ये सर्जरी क्या है, कैसे काम करती है और क्या इसके फायदे-नुकसान हैं।

क्या होती है SADI-S सर्जरी?

SADI-S सर्जरी को मेडिकल भाषा में "सिंगल एनैस्टोमोसिस डुओडेनो-इलियल बाईपास विद स्लीव गैस्ट्रेक्टोमी" कहा जाता है। इसमें डॉक्टर सबसे पहले पेट का लगभग 80% हिस्सा हटा देते हैं, जिससे व्यक्ति बहुत कम खा पाता है। इसके बाद आंतों को इस तरह जोड़ा जाता है कि शरीर में कैलोरी और पोषक तत्वों का अवशोषण काफी हद तक कम हो जाता है। इस पूरी प्रक्रिया का मकसद यह होता है कि शरीर जरूरत से ज्यादा कैलोरी न सोखे और व्यक्ति जल्दी से वजन कम कर सके।

वजन घटाने में कितनी असरदार है यह प्रक्रिया?

इस सर्जरी को करवाने वाले अधिकतर लोग पहले साल में ही बड़े स्तर पर वजन घटाते हैं। आंकड़ों के अनुसार, कुछ लोग अपनी अतिरिक्त चर्बी का 80 से 90 प्रतिशत तक कम करने में सफल होते हैं। इसके अलावा, यह सर्जरी टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों में भी सुधार करती है, इसलिए डॉक्टर भी इसे एक प्रभावी विकल्प मानते हैं।

किन लोगों के लिए है यह सर्जरी?

यह सर्जरी उन लोगों के लिए होती है जिनका बॉडी मास इंडेक्स (BMI) बहुत ज्यादा है और जो डाइटिंग या जिम करने के बाद भी वजन नहीं घटा पा रहे हैं। खासकर ऐसे लोग जो मोटापे से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह सर्जरी कारगर मानी जाती है। हालांकि इसे कराने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी होती है क्योंकि यह एक बड़ा मेडिकल फैसला होता है।

क्या हैं इसके जोखिम और देखभाल की जरूरत?

हर सर्जरी की तरह SADI-S के भी कुछ खतरे होते हैं। जैसे कुछ लोगों को सर्जरी के बाद दस्त, कमजोरी या विटामिन की कमी हो सकती है। इसके अलावा जीवनभर कुछ खास सप्लीमेंट्स लेने पड़ते हैं ताकि शरीर में पोषण की कमी न हो। सर्जरी के बाद खान-पान की आदतें पूरी तरह बदलनी पड़ती हैं और हेल्दी लाइफस्टाइल बनाए रखना जरूरी होता है। रिकवरी में 2 से 4 हफ्ते लग सकते हैं, लेकिन लंबे समय के लिए इसकी देखभाल जरूरी है।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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