हेल्थ

सेहत का बादशाह बनाता है तेज कदमों से चलना! जानें चलने की क्या हो स्पीड जिससे बीमारियां रहें कोसों दूर

what's a healthy walking speed: क्या आप जानते हैं कि पैदल चलकर भी सेहत को दुरुस्त किया जा सकता है। जी हां यदि आप एक निश्चित गति से रोजाना कुछ देर पैदल चलते हैं, तो आप अन्य लोगों की तुलना में रोगों से बचाव ज्यादा कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

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good speed of walking

Photo : iStock

हेल्दी रहने के लिए रोजाना वॉक करना काफी फायदेमंद माना जाता है, ऐसा आपने अक्सर लोगों को कहते हुए सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि किस स्पीड से चलना आपको सेहतमंद रहने में मदद कर सकता है। हमारी लाइफस्टाइल से जुड़ी एक एक गतिविधि का असर हमारी सेहत पर सीधे तौर पर देखने को मिलता है। हाल ही में आई एक स्टडी ने बताया है कि तेज चलने से आपको लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों जैसे डायबिटीज और ब्लड प्रेशर से बचाव करने में आसानी होती है। वहीं जो लो धीमे कदमों से चलते हैं, उनकों इन समस्याओं से ज्यादा परेशान होते हुए देखा जा सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

शोध का विश्लेषण

इस शोध में शामिल हजारों लोगों के लाइफस्टाइल का वैज्ञानिक आधार पर विश्लेषण किया गया है। जिसका मुख्य बिंदु उनकी चलने की गति को बनाया गया है। इसमें जांचा गया कि लोगों की चलने की गति का उनकी सेहत पर कैसा असर देखने को मिलता है। जिसमें सामने आए आंकड़ों ने साबित किया कि तेज कदम से चलने वाले लोगों को डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का खतरा 30-40% तक कम होता है।

क्या है शोध का परिणाम?

शोधकर्ताओं की मानें तो तेज कदमों से चलना आपके मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करता है। जिससे आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन में भी सुधार होता है। इसके अलावा आपका तेज चलने से आपके शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी भी बेहतर होती है जो आपके डायबिटीज के खतरे को काफी हद तक खत्म करने में मदद करती है। वहीं तेज चलना आपको तेजी से कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। जिससे आपको वेट लॉस में काफी आसानी होती है।

कितनी होनी चाहिए चलने की स्पीड?

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो सेहतमंद रहने के लिए आपके कदमों की गति 100 कदम प्रति मिनट यानी 3 से 3.5 मील प्रति घंटा होनी चाहिए। इसके अलावा 5-6 किलोमीटर प्रति घंटा की चाल यानी ब्रिक्स वॉक चाल को हेल्दी रहने के लिए सबसे कारगर माना जाता है। इसे आप सामान्य भाषा में टहलने और दौड़ने के बीच की रफ्तार मान सकते हैं।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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