Nagpur Ram Raksha Event: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को पुणे में मीडिया से बातचीत के दौरान देश के दो सबसे चर्चित मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने एक तरफ जहां नीट (NEET) परीक्षा के नतीजों को लेकर चल रहे विवाद पर सरकार का रुख साफ किया, वहीं दूसरी तरफ नागपुर में उद्धव ठाकरे के आगामी धार्मिक कार्यक्रम को लेकर उन पर तीखा राजनीतिक तंज भी कसा।
मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' के नतीजों में कथित गड़बड़ियों और विसंगतियों को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परीक्षा प्रणाली का बचाव किया। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि नीट की यह पूरी प्रक्रिया काफी पारदर्शी है। आंसर शीट के आधार पर यह आसानी से तय किया जा सकता है कि किस छात्र को कितने अंक मिले हैं। यह परीक्षा बेहद वैज्ञानिक तरीके से आयोजित की गई थी।"
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फडणवीस ने आगे कहा कि हालांकि उनके पास इस विशिष्ट शिकायत की पूरी जानकारी अभी नहीं है, लेकिन अगर किसी भी छात्र या अभिभावक को परीक्षा के नतीजों से कोई शिकायत या परेशानी है, तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उन्हें सरकार द्वारा तय की गई संबंधित एजेंसी के पास जाकर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए और शिकायत निवारण प्रणाली का उपयोग करना चाहिए।
उद्धव ठाकरे के 'राम रक्षा' पाठ पर निशाना
इसके बाद जब पत्रकारों ने फडणवीस से नागपुर में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा आयोजित किए जा रहे 'राम रक्षा' कार्यक्रम के बारे में पूछा, तो उन्होंने चुटकी लेने का मौका नहीं गंवाया। फडणवीस ने कहा, "मुझे बेहद खुशी है कि आखिरकार उद्धव ठाकरे को यह अहसास हो गया है कि 'जो राम का नहीं, वो किसी काम का नहीं'। इसी वजह से वे भगवान राम की शरण में वापस लौटे हैं और मैं इसके लिए उन्हें बधाई देता हूं।"
सीएम ने उद्धव ठाकरे पर कसा तंज
मुख्यमंत्री ने आगे नसीहत देते हुए कहा कि अगर उद्धव ठाकरे सचमुच 'राम रक्षा' स्तोत्र का पाठ आयोजित कर रहे हैं, तो उन्हें उम्मीद है कि इस बार वे कम से कम सच्चे दिल से भगवान राम का नाम लेंगे। फडणवीस ने तंज कसा कि उद्धव को इस पवित्र धार्मिक आयोजन को एक सियासी मंच या राजनीतिक तमाशा बनाने से बचना चाहिए।
