Uric Acid Problem In Youth: यूरिक एसिड बढ़ने की बीमारी क चपेट में युवा भी तेजी से आ रहे है। खानपान के प्रति बढ़ती लापरवाही और दिनों-दिन बिगड़ती दिनचर्या की वजह से युवाओं में तेजी से यूरिक एसिड की समस्या बढ़ रही है। इसके कारण 30 वर्ष की उम्र के युवाओं के अंदर भी जोड़ो के दर्द और शरीर मे जकड़न की समस्या आ रही है। डॉक्टर कहते हैं कि अगर समय रहते इस बीमारी पर नियंत्रण नहीं किया गया तो यह गंभीर रूप ले सकती है।
चिकित्सकों का कहना हैं कि पैरों में सूजन, एड़ियों में दर्द, पांवों की गाठों में सूजन के अलावा शरीर के अन्य हिस्सों में यूरिक एसिड बढ़ जाने से असहनीय दर्द होने लगता है। दिल्ली में मैक्स अस्पताल के जाने माने हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर बताते हैं कि यूरिक एसिड के लक्षण शुरूआत में नहीं दिखाई देते मगर पैरो से जुड़ी समस्या होने पर समझ में आता है कि व्यक्ति यूरिक एसिड के विकार से ग्रस्त है।
शरीर में यूरिक एसिड क्यों बढ़ता है?
जब आप प्यूरीन युक्त कुछ खाद्य पदार्थ खाते हैं, तो शरीर में यूरिक एसिड का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। प्यूरीन से भरे कुछ खाद्य विकल्पों में शामिल हैं: इसके अलावा कुछ स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विकार भी शरीर में यूरिक एसिड के संचय का कारण बन सकते हैं
हाई यूरिक एसिड के लक्षण क्या हैं? | Symptoms of high uric acid
- थकान
- शुष्क त्वचा
- कब्ज़
- जोड़ों में सूजन
- मांसपेशियों की जकड़न
- किडनी से संबंधित बिमारी
- मांसपेशियों में कमजोरी
- जोड़ों में दर्द और अकड़न
- मांसपेशियों में दर्द
- जोड़ों में अचानक और गंभीर दर्द
हाई यूरिक एसिड शरीर के लिए हानिकारक क्यों है?
यह प्रकार बहुत दर्दनाक हो सकता है, गुर्दे की पथरी का कारण बन सकते हैं। यदि अनुपचारित छोड़ दिया जाए, तो हाई यूरिक एसिड का स्तर अंततः हड्डियों, जोड़ों की क्षति, गुर्दे की बीमारी और हृदय रोग का कारण बन सकता है।
खानपान पर दें विशेष ध्यान | Diet Plan in Uric Acid
मैक्स अस्पताल दिल्ली से जुड़े हड्डी रोग विशेषज्ञ Dr L Tomar टाइम्स नाउ नवभारत डिजीटल से बातचीत में कहते हैं कि आजकल युवाओं में खानपान को लेकर बेहद लापरवाही बरती जा रही है। साथ ही अपनी दिनचर्चा और सेहत को लेकर भी अधिकांश लोग बेफ्रिक रहते है। लिहाजा हमें सबसे ज्यादा अपने खानपान पर ध्यान देना है। डॉक्टर एल तोमर कहते हैं कि यूरिक एसिड के क्रिस्टल हमारी जोड़ो के बीच में जमा हो जाते है डॉक्टरी भाषा में इन्हें गाउट कहा जाता है यही गाउट मरीज के दर्द को बढ़ाने का काम करते है। इन्हीं की वजह से सूजन आती है। कई बार ऐसा भी होता है कि मरीज में यूरिक एसिड से जुड़े कोई भी लक्षण सामान्य तौर पर नहीं दिखाई देते जिसकी पहचान के लिए डॉक्टर ब्लड सैंपल का इस्तेमाल करते है।
यूरिक एसिड बढ़ने पर इन चीजों से करें परहेज | Avoid these things when uric acid increases
डॉक्टर तोमर कहते हैं कि यूरिक एसिड की समस्या से ग्रस्त व्यक्ति को मटर, मशरूम, गोभी, मीट, राजमा, उड़द की दाल, अल्कोहोल,भिंडी, अरबी, पनीर और मछली इत्यादि के सेवन से बचना चाहिए। जबकि मरीज को अपनी खाने की प्लेट में केले, मोटा अनाज, टमाटर, ककड़ी, ब्रोकली, सुरजमुखी का तेल, ऑलिव ऑयल, बींस और कम प्रोटीन वाली वस्तुओं को जगह देनी चाहिए। डॉक्टर तोमर के मुताबिक हल्का व्यायाम, पैदल चलना और योग के माध्यम से भी इस बीमारी से निजात पाई जा सकती है।
