हेल्थ

खराब होती मेंटल हेल्थ का बड़ा कारण है तंबाकू, एक्सपर्ट से जानें मानसिक स्वास्थ्य पर तंबाकू का असर

Tobacco Effects On Mental Health : नशा हमारी सेहत के लिए हानिकारक होता है, ये आपने अक्सर लोगों को कहते हुए सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तंबाकू या धूम्रपान का असर आपकी मेंटल हेल्थ पर भी देखने को मिलता है। जी हां विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर हम आपको बताएंगे कि कैसे तंबाकू आपके मानसिक स्वास्थ्य को खराब कर रहा है।

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tobacco effect on mind

Tobacco Effects On Mental Health : शराब आपके लिवर और धूम्रपान आपके फेफड़ों को खराब कर देता है, ये आपने अक्सर लोगों को कहते हुए सुना होगा। इस बात की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट और आंकड़ों में भी होती है, कि नशे का सेवन अधिक होने से समाज में लिवर और फेफड़ों के रोग काफी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। वहीं लिवर और लंग कैंसर भी काफी तेजी से फैलती एक जानलेवा समस्या हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि तंबाकू या धूम्रपान आपके मानसिक स्वास्थ्य पर भी काफी बुरा असर डालता है। जी हां तंबाकू का मेंटल हेल्थ पर असर इस बात को लेकर हमने बात की एशियन हॉस्पिटल की एसोसिएट डायरेक्टर एवं हेड, न्यूरोलॉजी डॉ. नेहा कपूर।

मानसिक बीमारियों से सीधा संबंध

मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा कपूर बताती हैं, “धूम्रपान या तंबाकू सेवन करने वाले व्यक्तियों में डिप्रेशन और एंग्जायटी की दर न केवल अधिक पाई जाती है, बल्कि ये लक्षण अधिक तीव्र और लंबे समय तक बने रहते हैं।” निकोटिन शुरू में थोड़ी राहत देने जैसा महसूस होता है, लेकिन लंबे समय तक इसका सेवन मस्तिष्क में डोपामाइन के स्तर को प्रभावित करता है, जो मूड को नियंत्रित करने वाला प्रमुख हार्मोन है।

सिजोफ्रेनिया और तंबाकू - खतरे की घंटी

एक्टिव और पैसिव स्मोकिंग दोनों ही सिजोफ्रेनिया के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, सिजोफ्रेनिया से पीड़ित करीब 70 फीसदी लोग स्मोकर होते हैं। इसके पीछे एक वजह यह भी मानी जाती है कि निकोटिन मस्तिष्क में कुछ न्यूरोट्रांसमीटर को प्रभावित करता है, जिससे भ्रम, मतिभ्रम और आक्रामकता जैसे लक्षण बढ़ सकते हैं।

तंबाकू छोड़ने से सुधरती है मानसिक सेहत

डॉ. नेहा कपूर बताती हैं कि तंबाकू छोड़ने के कुछ हफ्तों के भीतर ही लोगों की नींद, मूड और चिंता की स्थिति में सुधार देखा गया है। “कुछ मरीजों में तंबाकू छोड़ने के बाद मानसिक रोगों के लिए जरूरी दवा की जरूरत भी कम हो जाती है”।

तंबाकू छोड़ने के लिए क्या करें?

  • तंबाकू छोड़ने के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्श लें।
  • निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी (NRT) और मेडिटेशन से मदद मिल सकती है।
  • तंबाकू का सेवन छोड़ने के लिए परिवार और दोस्तों का सहयोग बेहद जरूरी है।
  • तंबाकू छोड़ने के बाद बढ़ने वाले तनाव को नियंत्रित करने की आदत डालें

तंबाकू का मेंटल हेल्थ पर असर

डॉ. नेहा कपूर की मानें तो तंबाकू का सेवन या धूम्रपान करने वाले लोगों में डिप्रेशन का खतरा लगभग दोगुना हो जाता है। आपको बता दें कि तंबाकू में मौजूद निकोटीन आपके दिमाग में डोपामाइन को निकलने से रोकता है। डोपामाइन को हैप्पी हार्मोन कहा जाता है, जो आपको खुश रहने में मदद करता है। यदि आपके शरीर में डोपामाइन की कमी होगी तो आपको तनाव, नेगेटिविटी और मूड-स्विंग की समस्या हो सकती है। इसके साथ ही तंबाकू का ज्यादा सेवन आपकी न्यूरोलॉजिकल समस्या को बढ़ा देता है।

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गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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