Heatwave and Water Retention: ज्यादातर मामलों में आपने देखा होगा कि गर्मी का मौसम आते ही लोग पसीना, थकान, डिहाइड्रेशन और चक्कर जैसी समस्याओं की बात करते हैं। लेकिन कई लोगों को एक और परेशानी होती है, जिस पर अक्सर ध्यान नहीं जाता वह है हाथ, पैर, उंगलियों या टखनों में सूजन आ जाना। कई बार चप्पल या जूते अचानक टाइट लगने लगते हैं, अंगूठियां उंगलियों में फंसने लगती हैं या पैरों में भारीपन महसूस होता है। लोग इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसके पीछे गर्मी और शरीर में पानी जमा होने की प्रक्रिया (Water Retention) जुड़ी हो सकती है।
अमृता अस्पताल फरीदाबाद के सीनियल कंसल्टेंट डॉक्टर और इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. मोहित शर्मा बताते हैं कि भीषण गर्मी या हीटवेव के दौरान शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए कई बदलाव करता है। इसी दौरान शरीर के ऊतकों में अतिरिक्त पानी जमा हो सकता है, जिसे वॉटर रिटेंशन कहा जाता है। हालांकि यह समस्या अक्सर अस्थायी होती है, लेकिन कुछ मामलों में यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है। इसलिए इसके बारे में सही जानकारी होना जरूरी है।

तपती गर्मी के दौरान शरीर मं क्या-क्या होता है
तेज गर्मी में शरीर के अंदर क्या होता है
डॉ. मोहित बताते हैं कि जब बाहर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो शरीर खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है। इसके लिए त्वचा के पास मौजूद रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं ताकि शरीर की गर्मी बाहर निकल सके। इस प्रक्रिया का एक असर यह भी होता है कि खून में मौजूद कुछ तरल पदार्थ आसपास के ऊतकों में पहुंचने लगते हैं। जब यह तरल पदार्थ जरूरत से ज्यादा जमा हो जाता है, तो हाथ, पैर और टखनों में सूजन दिखाई देने लगती है। यही कारण है कि तेज गर्मी के दिनों में कई लोगों को अचानक सूजन की शिकायत होने लगती है।
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वॉटर रिटेंशन क्या होता है और क्या है हीटवेव से कनेक्शन
सरल भाषा में समझें तो वॉटर रिटेंशन का मतलब है शरीर में जरूरत से ज्यादा पानी जमा हो जाना। आमतौर पर शरीर पानी का संतुलन खुद बनाए रखता है, लेकिन गर्मी, लंबे समय तक खड़े रहने, ज्यादा नमक खाने या पर्याप्त पानी न पीने की वजह से यह संतुलन बिगड़ सकता है।
डॉ. मोहित के अनुसार, जब शरीर गर्मी से जूझ रहा होता है, तो कई बार तरल पदार्थ शरीर के निचले हिस्सों में जमा होने लगते हैं। इसी वजह से पैरों और टखनों में सूजन ज्यादा दिखाई देती है। शाम के समय यह समस्या अक्सर ज्यादा महसूस हो सकती है क्योंकि पूरे दिन गुरुत्वाकर्षण का असर पैरों पर पड़ता रहता है।

हीटवेव और वॉटर रिटेंशन को समझें
शाम के समय सूजन ज्यादा क्यों दिखती है
कई लोगों को दिनभर सब ठीक लगता है, लेकिन शाम होते-होते पैर सूजने लगते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पूरे दिन खड़े रहने, चलने-फिरने या गर्मी में बाहर रहने से पैरों में पानी जमा होने लगता है। गुरुत्वाकर्षण की वजह से यह असर पैरों और टखनों में ज्यादा दिखाई देता है।
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किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है
डॉक्टर की मानें तो हर व्यक्ति को गर्मी में सूजन नहीं होती, लेकिन कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है जैसे - बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और उन लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए जो पहले से हृदय, किडनी या लिवर से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा,\
- जो लोग घंटों खड़े रहकर काम करते हैं
- लगातार यात्रा करते हैं
- या लंबे समय तक एक ही जगह बैठते हैं
उनमें भी हाथ-पैरों में सूजन की संभावना बढ़ जाती है। गर्मी के दौरान इन लोगों को अपने शरीर में होने वाले बदलावों पर खास नजर रखनी चाहिए।
कब डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है
गर्मी की वजह से होने वाली हल्की सूजन अक्सर आराम करने, पैरों को थोड़ा ऊपर रखकर बैठने या पर्याप्त पानी पीने से कम हो जाती है। इसलिए हर सूजन चिंता की बात नहीं होती। लेकिन अगर,
- सूजन लगातार बनी रहे
- एकदम ज्यादा बढ़ जाए
- दर्द होने लगे
- त्वचा खिंची हुई महसूस हो
- या सांस लेने में तकलीफ होने लगे
तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे लक्षण किसी दूसरी स्वास्थ्य समस्या की ओर भी इशारा कर सकते हैं। इसलिए समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
अगर सूजन थोड़ी देर आराम करने के बाद कम हो जाए तो आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती। लेकिन अगर सूजन लगातार बनी रहे, तेजी से बढ़े, दर्द होने लगे या सांस लेने में परेशानी महसूस हो, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यह किसी दूसरी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है।

गर्मी में सूजन से बचने के आसान उपाय
गर्मियों में सूजन से कैसे बचें
डॉ. सलाह देते हैं कि गर्मी में अगर वॉटर रिटेंशन से बचना है तो कुछ जरूरी बातों को ध्यान रखना चाहिए, जिनमें गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी है। इसके अलावा,
- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, भले ही प्यास कम लगे।
- बहुत ज्यादा नमक वाले और प्रोसेस्ड फूड खाने से बचें क्योंकि ये शरीर में पानी जमा होने की संभावना बढ़ा सकते हैं।
- अगर आपका काम लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने का है, तो बीच-बीच में थोड़ी देर टहलें।
- घर आने के बाद कुछ समय के लिए पैरों को तकिए पर रखकर ऊंचा रखें।
- हल्की एक्सरसाइज और नियमित शारीरिक गतिविधि भी शरीर में तरल पदार्थ के संतुलन को बनाए रखने में मदद करती है।
डॉक्टर क्या देते हैं सलाह
डॉक्टर मोहित शर्मा के अनुसार, गर्मी में हाथ-पैरों की सूजन सिर्फ थकान का परिणाम नहीं होती। कई बार इसके पीछे हीटवेव और वॉटर रिटेंशन का सीधा संबंध होता है। शरीर जब खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है, तो कुछ लोगों में पानी जमा होने की समस्या शुरू हो सकती है। अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मामलों में यह परेशानी अस्थायी होती है और सही देखभाल से ठीक हो जाती है। लेकिन अगर सूजन बार-बार हो रही है या उसके साथ दूसरे लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना सबसे समझदारी भरा कदम होगा।
