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जो लोग करते हैं रोज ये काम, उनमें धीमी पड़ती है भूलने की बीमारी, दिमाग रहता है फिट- नई स्टडी का दावा

Physical Activity Benefits For Brain:नई रिसर्च में पता चला है कि जो लोग नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि करते हैं, उनमें अल्जाइमर जैसी भूलने की बीमारी के लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं। यह स्टडी यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सैन फ्रांसिस्को (UCSF) की है, जिसमें पाया गया कि एक्टिव रहना न सिर्फ शरीर बल्कि दिमाग को भी जवान बनाए रखता है।

दिमाग तेज रखने वाली एक्सरसाइज

दिमाग तेज रखने वाली एक्सरसाइज

Physical Activity Benefits For Brain: आजकल हर कोई भूलने की शिकायत करता है कभी नाम याद नहीं रहते, तो कभी चीजें कहां रखी भूल जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस भूलने की समस्या को धीरे करने का एक आसान तरीका है? हाल ही में अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया, सैन फ्रैंसिस्को (UCSF) की एक स्टडी में सामने आया है कि जो लोग नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करते हैं, उनमें अल्जाइमर रोग यानी भूलने की बीमारी के लक्षण बहुत धीमी रफ्तार से बढ़ते हैं। यानी थोड़ा-सा चलना, टहलना या कोई फिजिकल एक्टिविटी करना भी आपके दिमाग को फिट और एक्टिव बनाए रख सकता है।

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया की स्टडी क्या कहती है

UCSF के शोधकर्ताओं ने करीब 400 लोगों पर एक लंबा अध्ययन किया। ये सभी लोग अल्जाइमर के शुरुआती लक्षणों से जूझ रहे थे। स्टडी में पाया गया कि जो लोग रोजाना किसी न किसी फिजिकल एक्टिविटी में शामिल होते थे, जैसे चलना या हल्का व्यायाम, उनके दिमाग की याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता ज्यादा समय तक बनी रही। वहीं जो लोग ज्यादातर समय बैठे रहते थे, उनमें भूलने की बीमारी तेजी से बढ़ी।

फिजिकल एक्टिविटी से दिमाग में बढ़ता है ब्लड फ्लो

शोधकर्ताओं ने बताया कि जब शरीर एक्टिव रहता है, तो दिमाग तक ज्यादा ऑक्सीजन और ब्लड पहुंचता है। इससे ब्रेन सेल्स को पोषण मिलता है और उनकी उम्र बढ़ती है। यही कारण है कि जो लोग टहलना, योग या हल्का एक्सरसाइज करते हैं, उनमें न सिर्फ मूड बेहतर रहता है बल्कि उनकी मेमोरी भी मजबूत रहती है।

एक्टिव रहना कम करता है अल्जाइमर के लक्षण

स्टडी के अनुसार, एक्टिव लोगों के दिमाग में 'Tau Protein' का जमाव धीमा होता है। यही प्रोटीन अल्ज़ाइमर जैसी बीमारियों का बड़ा कारण माना जाता है। जब यह धीरे-धीरे जमा होता है, तो भूलने की बीमारी की रफ्तार भी धीमी पड़ जाती है। यानी फिजिकल एक्टिविटी किसी दवा की तरह काम करती है, जो बीमारी को आने से नहीं रोकती, लेकिन उसे फैलने से जरूर रोक सकती है।

कितनी शारीरिक गतिविधि जरूरी है?

रिसर्चर्स के मुताबिक, आपको जिम जाने या भारी एक्सरसाइज करने की जरूरत नहीं है। बस रोजाना 30 मिनट की एक्टिविटी काफी है - चाहे वह टहलना हो, साइकिल चलाना हो या सीढ़ियां चढ़ना। इसके अलावा, बागवानी, घर के काम या हल्की योगासन भी ब्रेन के लिए फायदेमंद हैं। अहम बात ये है कि शरीर को हर दिन थोड़ा मूव करते रहना चाहिए।

सिर्फ शरीर नहीं दिमाग भी रखिए एक्टिव

फिजिकल एक्टिविटी के साथ-साथ मानसिक रूप से एक्टिव रहना भी जरूरी है। किताबें पढ़ना, पहेलियां सुलझाना, संगीत सुनना या कोई नई चीज सीखना - ये सब ब्रेन को तेज बनाते हैं। UCSF की स्टडी इस बात की पुष्टि करती है कि जो लोग शरीर और दिमाग दोनों को चलाते रहते हैं, उनमें अल्जाइमर के लक्षण बहुत धीरे बढ़ते हैं और जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है।

अगर आप चाहते हैं कि बढ़ती उम्र के साथ आपका दिमाग तेज और याददाश्त मजबूत बनी रहे, तो रोज थोड़ा-सा चलना या एक्टिव रहना शुरू करें। यह कोई बड़ी या महंगी दवा नहीं, बल्कि एक सरल आदत है जो आपको भूलने की बीमारी से काफी हद तक बचा सकती है।

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Vineet
Vineet Author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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