बढ़ती उम्र के साथ अक्सर यह देखने को मिलता है कि लोगों दिखना कम हो जाता है और सुनाई भी कम देने लगता है। इन्हें आमतौर पर उम्र बढ़ने के आम लक्षण समझा जाता है। यह बुढ़ापे के दौरान होने वाली समस्याओं में से एक है। इसलिए इस तरह की समस्याओं को ज्यादातर लोगों द्वारा नजरअंदाज किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं, यह स्थिति भविष्य में आपको गंभीर बीमारी के जोखिम में डाल सकती है। हाल ही में डिमेंशिया की रोकथाम पर केंद्रित एक अंतरराष्ट्रीय आयोग की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। अगर आपको भी सुनने-देखने में परेशानी हो रही है, तो इसे हल्के में न लें। इसकी वजह से आपको कौन सी बीमारी हो सकती है, इस लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
देखने-सुनने की क्षमता कम होने से कौन सी बीमारी हो सकती है?
अंतरराष्ट्रीय आयोग की एक रिपोर्ट की रिपोर्ट में यह बात कही गई है कि अगर कोई व्यक्ति 50 की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते है, यह महसूस करता है कि उसकी देखने-सुनने की क्षमता कम होने लगती है, तो इसकी वजह से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्या हो सकती है। यह भविष्य में आपकी सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। यह डिमेंशिया जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है।
इस बीमारी में व्यक्ति को याददाश्त और संज्ञानात्मक फंक्शन से जुड़ी समस्याएं परेशान करती हैं। व्यक्ति को चीजें याद रखने में कठिनाई होती है। वह हाल ही में हुई चीजों को भूलने लगता है। देखने-सुनने की कम क्षमता वाले लोगों में यह समस्या 65 की उम्र के बाद ही देखने को मिल सकती है। साथ ही, इस उम्र में इस खतरनाक बीमारी का खतरा 50 प्रतिशत तक अधिक बढ़ जाता है।
कैसे कर सकते हैं बचाव
अगर भविष्य में आप इस तरह की स्थितियों से बचना चाहते हैं, तो आपको सुनने या देखने से जुड़ी स्थितियों को भूलकर भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसा होने पर तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और इसके लिए उपचार लेना चाहिए। अगर शरीर में डायबिटीज, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां हैं, तो आपको और भी अधिक सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि इनकी वजह से हमारी सुनने और देखने की क्षमता पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है।
समय-समय अपनी आंख और कान की जांच कराएं। स्वस्थ जीवनशैली को फॉलो करें। खानपान अच्छा रखें और नियमित एक्सरसाइज करें। इस तरह आप गंभीर बीमारी के खतरे को कम कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
