हेल्थ

ताली बजा-बजाकर बना लें सेहत, जान लें ताली बजाने के रामबाण फायदे

क्या आप जानते हैं रोजाना सिर्फ 10-15 मिनट ताली बजाना आपको दर्जनों बीमारियों से बचा सकता है? आयुर्वेद और एक्यूप्रेशर के अनुसार हथेली का संबंध पूरे शरीर से है। जानिए इस साधारण सी क्रिया के अद्भुत चिकित्सीय फायदे।

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Clapping Benefits

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बहुत सारी एक्सरसाइज मौजूद हैं, जिससे ओवरऑल हेल्थ का ध्यान रखा जा सकता है। क्या आप जानते हैं कि आप अपने हाथ और हथेली की मदद से पूरे शरीर में नई ऊर्जा का प्रवाह कर सकते हैं? ये बात आपको हैरान करेगी, लेकिन सच है। हम बात कर रहे हैं ताली बजाने की। ताली बजाना एक साधारण और आसान क्रिया है, लेकिन शरीर के लिए 'जादुई इलाज' है।

आयुर्वेद में ताली बजाने का महत्व

आयुर्वेद में ताली बजाने को 'कर वादन क्रिया' कहा जाता है। आयुर्वेद में माना गया है कि हाथ और हथेलियां शरीर के सभी अंगों का प्रतिनिधित्व करती हैं या साधारण भाषा में कहें तो हथेलियों का कनेक्शन पूरे शरीर के साथ होता है। हथेलियों में शरीर के सभी महत्वपूर्ण मर्म बिंदु मौजूद होते हैं, जो शरीर के कई विकारों को कम करने में मदद करते हैं। रोजाना सिर्फ 10 से 15 मिनट ताली बजाना आपको दर्जनों गंभीर बीमारियों से बचा सकता है।

कैसे काम करती है यह एक्यूप्रेशर पद्धति?

'एक्यूप्रेशर' एक प्राचीन पद्धति है जिसका इस्तेमाल आयुर्वेद में सदियों से होता आया है। एक्यूप्रेशर की पद्धति से ही बीपी और शुगर तक को नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन उसके लिए सही मर्म बिंदु का पता होना जरूरी है। ताली बजाते समय हथेलियों के जिन एक्यूप्रेशर पॉइंट्स पर दबाव पड़ता है, वे शरीर के विभिन्न अंगों को सक्रिय करते हैं।

ताली बजाने के चमत्कारी स्वास्थ्य लाभ

हृदय स्वास्थ्य और रक्तचाप में सुधार

ताली बजाने से दिल और रक्त धमनियों पर पड़ने वाला दबाव कम होता है। यह कोलेस्ट्रॉल को भी कम करता है। कोलेस्ट्रॉल कम होने से रक्त धमनियां रक्त संचार का काम अच्छे से करती हैं और बीपी और दिल का जोखिम कम होता है।

तनाव कम करे और मूड ठीक करे

ये बात जानकर आपको हैरानी होगी कि ताली बजाने से तनाव कम होता है। ताली बजाने से तनाव हार्मोन कॉर्टिसोल का उत्पादन कम होता है और मस्तिष्क में 'डोपामाइन' और 'सेरोटोनिन' का स्तर बढ़ जाता है, जो मन को खुश करता है और तनाव और एंग्जायटी से राहत मिलती है। ये अच्छी नींद लाने में भी सहायक है।

अस्थमा और फेफड़ों के लिए वरदान

दमा या अस्थमा के रोगियों के लिए ताली बजाना बेहद लाभकारी है। ये रक्त में ऑक्सीजन के संचार को तेज करता है, जिससे मस्तिष्क और फेफड़ों में सही मात्रा में ऑक्सीजन पहुंच पाती है। ये फेफड़ों के काम करने की क्षमता को भी मजबूती देने में मदद करता है।

पाचन और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

इसके अलावा, ताली बजाने से पाचन और इम्युनिटी भी प्रभावित होती है। इसका सीधा कनेक्शन आंत और लिवर से होता है। ताली बजाने से पेट की पाचन अग्नि तेज होती है और कब्ज और गैस बनने की समस्या भी कम होती है।

कैसे और कब करें अभ्यास?

सुबह खुली हवा में, पार्क में टहलते हुए या बैठकर रोजाना सिर्फ 10-15 मिनट तेज गति से ताली बजाएं। ध्यान रखें कि हथेलियों के सभी हिस्से आपस में टकराएं ताकि सभी एक्यूप्रेशर पॉइंट्स सक्रिय हों। इसे आप एक मजेदार और ऊर्जावान एक्सरसाइज की तरह शुरू कर सकते हैं।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और मॉडर्न लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें जेन Z और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 3000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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