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शरीर में दिख रहे ये 5 लक्षण तो 'मंकीपॉक्स' का है खतरा, समय रहते नहीं दिया ध्यान तो हो सकता है जान का खतरा

दुनियाभर में मंकीपॉक्स के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे है। जिसने हेल्थ एक्सपर्ट्स की चिंता को और भी ज्यादा बढ़ा दिया है। इसके संक्रमण की बात करें तो यह कोरोना से भी तेजी से फैल सकता है। आइए जानते हैं ऐसे 5 लक्षण जो मंकी पॉक्स के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। आइए जानते हैं उन्हें विस्तार से...

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Symptoms of monkey pox

Photo : iStock

मंकीपॉक्स या एमपॉक्स एक ऐसी बीमारी है, जो तेजी से फैलती जा रही है। इस साल अफ्रीका के देश से शुरू हुआ ये खतरनाक रोग आज दुनिया भर के कई देशों में फैल चुका है। यह रोग संक्रमित जानवर या व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। मंकीपॉक्स का पहला मामला साल 1958 में डेनमार्क से सामने आया था। लेकिन पिछले कुछ दिन पहले अफ्रीकी देश कांगो में इस वायरस का मामला सामने आया था। जिसके बाद अब तक इस देश में 15 हजार से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो इस रोग ने अब तक 500 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है। आज हम आपको मंकीपॉक्स के शुरुआती 5 लक्षण बताने जा रहे हैं। जिन्हें समय रहते पहचान लेने से आपकी जान का खतरा टल सकता है।

मंकीपॉक्स के शुरुआती 5 लक्षण - Early 5 Symptoms of Monkeypox

  1. तेज बुखार।
  2. मांसपेशियों में दर्द।
  3. गले में सूजन और दर्द।
  4. शरीर पर मवाद वाले दाने होना।
  5. बहुत अधिक कमजोरी।

मंकीपॉक्स से बचाव के उपाय

विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो मंकीपॉक्स से बचने के लिए बचाव ही एकमात्र उपाय है। यहां बचाव के आशय संक्रमित व्यक्ति और जानवरों से बचाव करना है। इसमें आपको किसी तरह के बीमार या मरे हुए जानवरों को छूने से बचना चाहिए। इसके साथ ही यदि किसी व्यक्ति को मंकीपॉक्स हुआ है तो उसके पास में जाने से बचना चाहिए। कोरोना जैसे ही इस रोग में भी शारीरिक दूरी ही इसका इलाज साबित होती है।

क्या है इलाज?

विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें को मंकीपॉक्स से बचाव के लिए अभी तक कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। यही कारण है कि इस रोग की रोकथाम कर पाना आसान नहीं है। लेकिन इस रोग की पहचान शुरुआती अवस्था में कर ली जाए तो रोग की गंभीरता को कम किया जा सकता है।

डिस्क्लेमर- यह लेख सामान्य जानकारी के आधार पर है। इसका उद्देश्य किसी तरह की एक्सपर्ट की राय देना नहीं है। लेख में बताए गए लक्षण इंटरनेट पर प्राप्त विभिन्न स्रोतों के आधार पर है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले एक बार हेल्थ एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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