Symptoms Of Uterine Fibroids: बच्चेदानी महिलाओं के शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है। यह न सिर्फ एक बच्चे को 9 महीने तक रोकने, बल्कि पीरियड्स और कई अन्य जरूरी कार्यों में बहुत अहम भूमिका निभाती है। लेकिन अगर किसी महिला की बच्चेदानी में गांठ हो जाती है, तो यह उनके लिए बहुत नुकसानदायक साबित हो सकता है। बच्चेदानी में गांठ की समस्या आजकल काफी बढ़ रही है। इस स्थिति को आम भाषा में रसौली या गर्भाशय फाइब्रॉएड कहा जाता है। अगर समय रहते इस गांठ का इलाज न किया जाए, तो इसकी वजह से गर्भाशय की सर्जरी कराने की जरूरत पड़ सकती है। यह महिलाओं में पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं और इनफर्टिलिटी का कारण भी बन सकता है। अच्छी बात यह है कि गर्भाशय में गांठ होने शरीर में कुछ बदलाव नोटिस होने लगते हैं, जिन्हें बच्चेदानी में गांठ के लक्षण समझा जा सकता है। इन्हें समय रहते पहचानकर महिलाएं डॉक्टर के पास जा सकती हैं और इसका इलाज कर सकती हैं। अब सवाल यह उठता है कि बच्चेदानी में गांठ होने पर क्या-क्या लक्षण देखने को मिल सकते हैं? इस लेख में हम आपको बच्चेदानी में गांठ के 5 लक्षण बता रहे हैं।
बच्चेदानी में गांठ के लक्षण- Uterine Fibroid Symptoms In Hindi
पेट में महसूस होता है भारीपन
गांठ की वजह से पेट में सूजन और भारीपन महसूस होता है। कभी-कभी ऐसा खराब पाचन और अन्य पेट संबंधी समस्याओं के कारण भी हो सकता है। लेकिन अगर लगातार इस तरह की समस्या महसूस हो रही है, तो यह बच्चेदानी में गांठ की वजह से हो सकता है।
पीरियड्स समय पर नहीं आते
जिन महिलाओं की बच्चेदानी में गांठ होती है, उनके साथ यह समस्या काफी देखने को मिलती है। ऐसा आमतौर पर हार्मोनल असंतुलन के कारण होता है, लेकिन कुछ महिलाओं में यह रसौली की वजह से भी हो सकता है।
पेशाब करते समय परेशानी महसूस होती है
अगर किसी महिला को कुछ समय से लगातार पेशाब करते समय जलन, दर्द और असहजता महसूस होती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसका एक कारण बच्चेदानी की गांठ भी हो सकती है।
निचले पेट में दर्द महसूस होता है
पेट के निचले में मरोड़, सूजन और दर्द अगर अधिक महसूस हो रहा है, तो डॉक्टर के पास जरूर जाएं। यह रसौली का संकेत हो सकते हैं।
पेट में खिंचाव लगता है
प्रेग्नेंसी होने पर पेट में खिंचाव होना आम बात है, लेकिन आपको बता दें कि कई बार खिंचाव गांठ की वजह से भी हो सकता है।
अगर कोई महिला सामान्य से अक्सर ये लक्षण नोटिस करती है, तो ऐसे में उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इससे किसी गंभीर नुकसान से समय रहते बचा जा सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
