Sudden Cardiac Arrest: कार्डियक अरेस्ट के मामले दिन प्रति दिन लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कार्डियक अरेस्ट की वजह से अनुपमा एक्टर नितेश पांडे की 51 साल की उम्र में आज मौत हो गई है। सडन कार्डियक अरेस्ट के बढ़ते मामले चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। पहले के समय में कार्डियक अरेस्ट का मामला उम्रदराज लोगों में ही देखने को मिलता था लेकिन अब कम उम्र के लोगों में भी कार्डियक अरेस्ट के मामले देखने को मिल रहे हैं। अनहेल्दी डाइट और खराब लाइफस्टाइल कार्डियक अरेस्ट का मुख्य कारण है। ग्लोबल रिसर्च पर गौर करें तो, सडन कार्डियक अरेस्ट के लगभग 40% मामले महिलाओं में देखने को मिल रहे हैं। कार्डियक अरेस्ट से महिलाओं में मौत के मामले सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं। इसकी कई बड़ी वजह हो सकती है। इसी कड़ी में आज हम आपको महिलाओं में बढ़ रहे सडन कार्डियक अरेस्ट की वजह बताने जा रहे हैं।
सडन कार्डियक अरेस्ट क्या है?
सडन कार्डियक अरेस्ट वह स्थिति है, जिसमें दिल धड़कना बंद कर देता और ब्लड प्रेशर कम होने लगता है। जिसकी वजह से दिल के लिए ब्लड को पम्प करने में दिक्कत होती है और मरीज की मौत हो जाती है। समय रहते अगर इसका इलाज कराया जाए तो व्यक्ति को बचाया जा सकता है।सडन कार्डिएक अरेस्ट की वजहें क्या है?
मेनोपॉज़मेनोपॉज में महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इसमें ना केवल शारीरिक बल्कि मानसिक बदलाव भी देखने को मिलते हैं। कई ग्लोबल स्टडीज में पाया गया है कि मेनोपॉज़ और कोरोनरी हार्ट डिजीज में कनेक्शन है, जिसमें कार्डियक अरेस्ट भी शामिल है। मेनोपॉज़ की वजह से महिलाओं में सडन कार्डियक की संभावना बढ जाती है।
डायबिटीज
डायबिटीज की वजह से भी महिलाओं में सडन कार्डियक अरेस्ट के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में डायबिटीज से जुझ रही महिलाओं को अपने खान पान का बेहद खास ध्यान रखना चाहिए।
हाइपरटेंशन
हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन की वजह से भी महिलाओं में कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ता जा रहा है। सामान्य हाइपरटेंशन के मरीजों में अचानक मौत का जोखिम 3 गुना ज्यादा होता है।
तनाव
महिलाओं में सडन कार्डियक अरेस्ट की बड़ी वजह तनाव भी है। महिलाओं में तनाव का स्तर पुरूषों से लगभग 50% ज्यादा होता है। जो महिलाएं जरूरत से ज्यादा स्ट्रेस लेती हैं उनमें सडन कार्डियक अरेस्ट का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
