हेल्थ

खाने में ज्यादा नमक ले रहा लाखों की जान! WHO ने जारी किया हेल्थ अलार्म, फिट रहने के लिए आज ही सुधारें आदत

Salt Health Risk: खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए नमक का ज्यादा इस्तेमाल हमारी जान का दुश्मन बन रहा है। इसके लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक एडवाइजरी जारी की है। आगे पढ़ें नमक से सेहत को होने वाले नुकसान...

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नमक का सेहत पर असर

Salt Health Risk: सुबह का नाश्ता हो, ऑफिस की जल्दी में खाया गया फास्ट फूड या शाम की चाय के साथ नमकीन स्नैक्स। हमारी थाली में नमक की मात्रा कब जरूरत से ज्यादा हो जाती है, इसका अंदाजा भी नहीं लगता है। स्वाद बढ़ाने वाला यही नमक अब दुनिया के लिए बड़ा स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है। हाल ही में World Health Organization ने 'SHAKE the Salt Habit' नाम से नई गाइडलाइन जारी कर चेतावनी दी है कि अगर लोगों ने नमक की आदत नहीं बदली, तो आने वाले वर्षों में लाखों जानें खतरे में पड़ सकती हैं। WHO के मुताबिक दुनिया भर में लोग जरूरत से लगभग दोगुना ज्यादा सोडियम खा रहे हैं और यही आदत दिल की बीमारियों, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक का बड़ा कारण बन रही है। आइए जानते हैं विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसके लिए चलाए एक विशेष कैंपेन (WHO Salt Warning) के बारे में...

जरूरत से ज्यादा नमक क्यों बन रहा खतरा?

नमक शरीर के लिए जरूरी जरूर है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा शरीर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है। शरीर में ज्यादा सोडियम जमा होने से ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। लगातार हाई बीपी दिल पर दबाव डालता है और हार्ट अटैक व स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

WHO का कहना है कि एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना लगभग 2000 mg सोडियम यानी करीब एक चम्मच नमक से ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए। लेकिन आज की लाइफस्टाइल में लोग अनजाने में इससे कहीं ज्यादा नमक खा रहे हैं।

क्या कहती है WHO की रिपोर्ट?

WHO रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ 2023 में ज्यादा नमक खाने की वजह से करीब 17 लाख लोगों की मौत हुई। हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियों के पीछे अत्यधिक नमक एक बड़ा कारण बन चुका है। WHO ने साफ कहा है कि यह सिर्फ लोगों की व्यक्तिगत आदत का मामला नहीं है, बल्कि बाजार और फूड इंडस्ट्री ऐसा माहौल बना रहे हैं जहां कम नमक वाला विकल्प मिलना मुश्किल हो गया है।

क्या है WHO की नई 'SHAKE' रणनीति?

WHO ने लोगों और सरकारों दोनों के लिए 'SHAKE the Salt Habit' अभियान शुरू किया है। इसका मकसद लोगों को कम नमक खाने के लिए प्रेरित करना और फूड इंडस्ट्री पर सख्त नियंत्रण लागू करना है।

इस गाइडलाइन में कई अहम सुझाव दिए गए हैं जैसे-

  • पैकेज्ड फूड पर नमक की मात्रा स्पष्ट लिखना
  • ज्यादा नमक वाले उत्पादों के विज्ञापनों पर नियंत्रण
  • स्कूलों और सार्वजनिक जगहों पर हेल्दी फूड को बढ़ावा
  • फूड कंपनियों के लिए सख्त नियम बनाना
  • लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाना

WHO ने यह भी कहा है कि पब्लिक हेल्थ पॉलिसी तय करने में फूड इंडस्ट्री का ज्यादा प्रभाव नहीं होना चाहिए। WHO की न्यूट्रिशन एंड फूड सेफ्टी विभाग की निदेशक Dr Luz Maria De Regil ने कहा कि ज्यादा नमक खाना दुनिया में मौत के सबसे बड़े कारणों में शामिल है और अगर सरकारें सख्त नियम लागू करें तो हर साल लाखों जानें बचाई जा सकती हैं।

2030 का लक्ष्य और दुनिया की चुनौती

फिलहाल दुनिया 2030 तक नमक सेवन में 30% कमी लाने के लक्ष्य से काफी पीछे चल रही है। WHO के अनुसार केवल 28% आबादी ऐसे देशों में रहती है जहां नमक कम करने के लिए अनिवार्य सरकारी नीतियां लागू हैं। ऐसे में WHO की यह नई चेतावनी सिर्फ स्वास्थ्य सलाह नहीं, बल्कि आने वाले समय के लिए बड़ा ग्लोबल अलार्म मानी जा रही है।

bhawana gupta
भावना किशोर author

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यू... और देखें

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