स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या यानी 14 अगस्त को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के मौके पर 1947 के देश विभाजन के दौरान जान गंवाने और असीम वेदना झेलने वाले लाखों लोगों को नमन किया। इस अवसर पर पार्टी नेताओं ने बंटवारे के दौर में हुए विस्थापन, नरसंहार और परिवारों के बिछड़ने के दर्द को याद किया और इसके लिए उस दौर के कांग्रेस नेतृत्व की कड़े शब्दों में आलोचना की।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने साल 2021 में फैसला लिया था कि 14 अगस्त को हर साल 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के रूप में मनाया जाएगा, ताकि देशवासी इतिहास के इस त्रासदीपूर्ण अध्याय को भूल न जाएं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की गलत नीतियों और सत्ता पाने की अंधी राजनीति ने देश की अखंडता और स्वाभिमान को बहुत गहरी चोट पहुंचाई। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों को विस्थापन और अपनों को खोने का दर्द सहना पड़ा।
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जेपी नड्डा ने भी साधा निशाना
नितिन नवीन के अनुसार, यह दिन हमें याद दिलाता है कि राष्ट्रहित से बढ़कर कुछ नहीं है और 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' का संकल्प ही पीड़ितों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा ने इस घटना को एक ऐसा भयावह अध्याय बताया जिसकी टीस आज भी कई लोगों की आंखों में साफ दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थों के लिए धर्म के नाम पर देश के टुकड़े किए गए।
इस दुखद इतिहास से सीख लेने की जरूरत
इसके बावजूद जिन लोगों ने सब कुछ गंवाकर नए सिरे से जीवन शुरू किया और देश के निर्माण में योगदान दिया, उनका त्याग अतुलनीय है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, रविशंकर प्रसाद और अनिल बलूनी जैसे प्रमुख नेताओं ने भी इस दुखद इतिहास से सीख लेने की बात कही। नेताओं का मानना था कि यह दिन हमें राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और देश की अखंडता को और अधिक मजबूत करने का संकल्प लेने की सीख देता है।
