Diabetes Complications in hindi : दक्षिण एशियाई देशों में लोगों के बीच न्यूरोडीजेनेरेटिव स्थितियां काफी तेजी से बढ़ रही हैं। आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि डायबिटीज के मरीजों में इस तरह की समस्याएं अधिक देखने को मिल सकती हैं। हाल ही में हुए अध्ययनों से पता चलता है कि देश में डायबिटीज रोगियों के बीज मनोभ्रंश और अल्जाइमर जैसी भूलने की बीमारी होने का खतरा अधिक हो सकता है। हाई ब्लड शुगर और इंसुलिन रेजिस्टेंस की स्थिति में मनोभ्रंश और अल्जाइमर स्थितियां अधिक देखने को मिल सकती हैं। में वृद्धि का सामना करना पड़ा है। उच्च रक्त शर्करा और इंसुलिन प्रतिरोध जैसे कारकों के कारण मधुमेह वाले व्यक्तियों को अधिक खतरा होता है। हालांकि, समय रहते पता चलने पर इन बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। टाइम ऑफ इंडिया के अनुसार, चल रहे शोध से पता चलता है कि एंटीडायबिटिक दवाएं भी खतरे को कम करने में मददगार साबित हो सकती हैं।
दिखाई दे सकते हैं ये संकेत और लक्षण
अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज के कारण याददाश्त और संज्ञानात्मक फंक्शन से जुड़ी किसी तरह की समस्या नोटिस हो रही है, तो इसके कई संकेत और लक्षण देखने को मिल सकते हैं जैसे,
- चीजें भूलना
- पहचानने में परेशानी
- निर्णय लेने में कठिनाई
- स्थितियों को सुलझाने में परेशानी
- मूड में परिवर्तन
- व्यक्तित्व में बदलाव
- अनियंत्रित ब्लड शुगर
अगर कोई व्यक्ति इस तरह के लक्षण सामान्य से अक्सर नोटिस करता है, तो ऐसे में उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
डायबिटीज के कारण होने वाली न्यूरोडीजेनेरेटिव का इलाज क्या है
डॉक्टर शुगर को मैनेज करने के लिए कुछ दवाओं का सुझाव दे सकते हैं। इसके उपचार में स्वस्थ डाइट से लेकर एक्सरसाइज करना भी शामिल हो सकता है। इसके अलावा, कुछ ब्रेन एक्टिविटी भी शामिल की जाती हैं।
डायबिटीज को कंट्रोल कैसे किया जा सकता है
शुगर के मरीजों के लिए यह बहुत आवश्यक है कि वह अपनी दवाएं समय पर लें। इसके अलावा, जीवनशैली में कुछ बदलाव करके आसानी से शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है जैसे,
- डाइट में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा बढ़ाएं
- स्वस्थ और पोषक तत्वों से भरपूर आहार लें
- फल और सब्जियों का सेवन बढ़ाएं
- नियमित एक्सरसाइज करें। कम से 30 मिनट रोज पैदल जरूर चलें।
- पर्याप्त पानी का सेवन करें
- जंक और प्रोसेस्ड फूड्स से दूरी बनाएं
- कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स का सेवन बढ़ाएं
- अपनी गट हेल्थ का ध्यान रखें।
- मिठाई या चीनी युक्त फूडस से परहेज करें।
- फलों का रस पीने के बजाए साबुत फल खाएं
इस तरह आप आसानी से ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रख सकते हैं। अगर आप भविष्य में भूलने की बीमारी का शिकार नहीं होना चाहते हैं, तो अपनी जीवनशैली में ये बदलाव जरूर करें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
